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देश में कोरोना से सबसे कम मौत में सोनीपत का दूसरा नंबर, मरीज भी अब 17 दिन में दोगुने हो रहे

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corona virus
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सोनीपत। जिले में भले ही लगातार कोरोना पॉजिटिव मिल रहे हैं और कोरोना पॉजिटिव 1200 से ज्यादा पहुंच गए हैं। लेकिन यहां के लोगों के लिए यह बड़ी राहत वाली खबर है कि देश में जिन शहरों में कोरोना से सबसे कम मौत हुई हैं, उनमें सोनीपत का दूसरा नंबर आता है। देश में जहां कोरोना पॉजिटिव मिलने वालों में 3 प्रतिशत की मौत हो रही है, वहीं नोएडा में सबसे कम 1.3 प्रतिशत तो सोनीपत में केवल 1.44 प्रतिशत की मौत हो रही है। जिले के लोगों के लिए यह भी बड़ी राहत वाली खबर है कि यहां डबलिंग रेट बढ़ता जा रहा है और जहां पहले 10 दिन में मरीज दोगुने हो रहे थे, वहीं अब 17 दिन में मरीज दोगुने होने लगे हैं। इसके साथ ही प्रदेश में सोनीपत ऐसा इकलौता जिला हो गया है, जहां पॉजिटिव मिलने पर उसके संपर्क में आने वाले औसतन 7 लोगों की जांच कराई जा रही है और इससे यहां सैंपलिंग का प्रतिशत भी सबसे ज्यादा है।
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जिले में इस समय 1200 से ज्यादा कोरोना पॉजिटिव हैं और यहां लगातार तेजी से कोरोना पॉजिटिव बढ़ रहे हैं। उसके बावजूद अन्य शहरों के मुकाबले सोनीपत के लोगों के लिए काफी राहत वाली स्थिति है। डीसी श्यामलाल पूनिया ने बताया कि स्वास्थ्य मंत्रालय के जारी आंकड़ों के अनुसार देश में कोरोना से 3 प्रतिशत लोगों की मौत हो रही है। जबकि जिन शहरों में सबसे कम मौत हो रही हैं, उनमें यूपी के नोएडा में 1.3 प्रतिशत तो सोनीपत में केवल 1.4 प्रतिशत लोगों की मौत अभी तक हुई हैं। उनके अनुसार 15 जून तक मरीज 10 दिन में दोगुने हो रहे थे और यह काफी चिंता का विषय था, लेकिन जिले में अब 17 दिन में मरीज दोगुने हो रहे हैं। यह भी उस हालात में हुआ है, जब जांच लगातार बढ़ रही है और यहां जांच में किसी तरह की लापरवाही नहीं हो रही है। डीसी ने दावा किया कि प्रदेश में सोनीपत ऐसा जिला है, जहां किसी के कोरोना पॉजिटिव मिलने पर उसके संपर्क में आने वाले औसतन 7 लोगों का सैंपल लेकर जांच कराई जाती है। इस कारण ही यहां अभी तक 19 हजार से ज्यादा लोगों की कोरोना जांच हो चुकी है। इसके साथ ही यह जरूर है कि यहां मिलने वाले 70 प्रतिशत से ज्यादा मरीजों में कोरोना के लक्षण नहीं हैं।
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कोरोना मरीजों का रिकवरी रेट भी 59.87 प्रतिशत पहुंचा
जिले में जिस तरह से मरीज बढ़ रहे हैं, उसको देखकर हर कोई परेशान हो जाता है। क्यों यहां रविवार तक 1246 मरीज थे। लेकिन यहां का रिकवशी रेट लगातार बढ़ता जा रहा है जो हर किसी को राहत देता है। यहां रविवारे तक 745 मरीज ठीक हो चुके थे और इस तरह से रिकवरी रेट 59.87 पर पहुंच चुका है। डीसी श्यामलाल पूनिया के अनुसार मरीजों की देखभाल बेहतर तरीके से कराई जा रही है तो उनके खानपान का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। क्योंकि बीमारी में खानपान बेहतर रखना भी रिकवरी के लिए सबसे जरूरी होता है।
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लोगों को एहतियात बरतनी चाहिए और वह जरूरत पड़ने पर ही घर से बाहर निकले। इसके अलावा मास्क व सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन भी जरूर करें। इस तरह कोरोना से बचा जा सकता है। जिस तरह से मरीज दोगुने होने का समय बढ़ेगा, उससे स्थिति सुधरेगी। जहां पहले 10 दिन में मरीज दोगुने होने लगे थे, वहीं अब यह 17 दिन हो गया है। अगर हम बचाव करेंगे तो यह ज्यादा हो सकता है।
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-श्यामलाल पूनिया, डीसी
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