आईआईटी सेंटर में विद्यार्थियों की जांच करते स्वास्थ्य कर्मी
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सोनीपत। अपना सुनहरा भविष्य बनाने के लिए कोटा में कोचिंग लेने गए 35 विद्यार्थी शनिवार सुबह वापस सोनीपत लाए गए। उन सभी को रोडवेज बस से राजीव गांधी एजूकेशन सिटी के आईआईटी सेंटर में लाया गया, जहां उनकी जांच के बाद क्वारंटीन कर दिया गया। यहां पहुंचने के बाद विद्यार्थियों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
कोटा में कोचिंग लेने गए विद्यार्थी वहां हॉस्टल व पीजी में रहते थे। लॉकडाउन होने पर शुरूआती दिनों में उनको खाना ठीक मिला, लेकिन वहां कोरोना पॉजिटिव केस बढ़े तो इलाके सील होते चले गए और उनकी परेशानी बढ़ती चली गई। मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम की कोचिंग लेने गई सोनीपत की प्रिया ने बताया कि वहां पीजी व हॉस्टल में कैद होकर रह गए थे और घबराहट होने लगी थी। बीमारी के बारे में सुन रहे थे, लेकिन अपने घर नहीं जा सकते थे। हॉस्टल में किसी तरह खाना मिलता था, लेकिन पीजी में रहने वाले बाहर से खाना मंगवाने वालों को भूखा रहना पड़ रहा था। वहां धीरे-धीरे उनको भी खाना मिला, लेकिन खाना भी डरकर खाते थे। प्रिया ने बताया कि जितने छात्र अपना कुछ सामान भी छोड़कर गए थे, उनका भी किराया लगाया जा रहा था। वहीं कोरोना के बारे में सुनकर पढ़ाई भी नहीं हो रही थी और यह था कि किसी तरह अपने घर पहुंच जाएं। विद्यार्थियों का कहना है कि अब वह अपने घर आ गए हैं और उनको अब एक महीने बाद कुछ राहत मिली है।
राजीव गांधी एजूकेशन सिटी में स्थित आईआईटी सेंटर में कोटा से रोडवेज बसों से पहुंचे विद्यार्थी- फोटो : Sonipat