सोनीपत। राजस्थान के भीलवाड़ा में 27 लोगों में कोरोना संक्रमण मिलने पर पूरे इलाके को सील करके वहां रोजाना घर-घर जाकर लोगों की जांच की गई। उसके बाद से कोई भी कोरोना संक्रमित नहीं मिला। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने यहां पर भीलवाड़ा मॉडल अपनाना शुरू कर दिया है। कोरोना पॉजिटिव के केस मिलने पर प्रशासन की ओर से गांव बख्तावपुर समेत शहर के चार क्षेत्रों को सील किया गया। उन गांव व कॉलोनियों में स्वास्थ्य कर्मी रोजाना घर-घर जाकर लोगों से स्वास्थ्य संबंधी जानकारी जुटाने लगे हैं।
सील किए गए शिव कॉलोनी में 532, मोहन नगर में 484, सैनीपुरा में 506, ईदगाह कॉलोनी में 628 व गांव बख्तावरपुर में 676 मकान हैं। जहां भीलवाड़ा की तरह स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी रोजाना घर-घर जाकर लोगों की जांच कर रहे हैं। साथ ही कोरोना पॉजिटिव के केस मिलने वाले युवक के घर के बाहर चस्पाए गए नोटिस को चेक कर रहे हैं। स्वास्थ्य कर्मी लोगों से खांसी, जुकाम व बुखार का डाटा जुटा रहे हैं। इसके लिए हर क्षेत्र में जांच करने को एक हेल्थ इंस्पेक्टर, पांच एमपीएचडब्ल्यू, पांच एएनएम सहित आशा वर्कर को भी लगा रखा है। सोमवार को ईदगाह कॉलोनी में एमपीएचडब्ल्यू वीरेंद्र सिंह, नरजीत, राकेश, आशुतोष, एएनएम रजनी, वर्षा, आरती, सुमन, सुनीता व आशा वर्कर बंटी के साथ घर-घर जाकर जांच की। साथ ही उन्होंने लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने की अपील की। साथ ही समय पर हाथों पर सैनिटाइजर लगाने के लिए कहा गया।
बहु उद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी एसोसिएशन के जिला प्रधान वीरेंद्र सिंह ने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण के खिलाफ इस जंग में सभी स्वास्थ्य कर्मचारी अपनी जान हथेली पर लेकर बहादुरी के साथ काम कर रहे हैं। साथ ही प्रशासन की ओर से सील किए क्षेत्रों में घर-घर जाकर लोगों से जानकारी जुटा रहे हैं और लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करते हुए उन्हें संक्रमण से बचने के लिए लॉकडाउन के दौरान घर में रहने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
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कोरोना पॉजिटिव के केस मिलने पर जिन क्षेत्रों को प्रशासन की ओर से सील किया गया है, वहां पर स्वास्थ्य विभाग की ओर से भीलवाड़ा मॉडल शुरू किया गया है। स्वास्थ्य कर्मचारी उन क्षेत्रों में घर-घर जाकर लोगों को संक्रमण से बचने के प्रति जागरूक कर रहे है।
-डॉ. दिनेश छिल्लर, उप सिविल सर्जन