गन्नौर (सोनीपत)। उत्तर प्रदेश के कौशांबी में एक कर्मचारी कोरोना पॉजिटिव मिला तो सोनीपत का स्वास्थ्य विभाग उस फैक्टरी में पहुंच गया, जहां वह काम करता था। वह बड़ी औद्योगिक क्षेत्र की फैक्टरी में काम करता था और लॉकडाउन के बाद अपने घर गया था। जहां उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद कौशांबी के डीएम ने सोनीपत के डीसी को पत्र भेजकर इसकी जानकारी दी। स्वास्थ्य विभाग की टीम को फैक्टरी में एक भी कर्मचारी नहीं मिला है। कौशांबी जिले के डीएम की ओर से भेजे गए पत्र में बताया गया है कि उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले का मजदूर बड़ी औद्योगिक क्षेत्र की एक कपड़ा फैक्टरी में काम करता था। वह 30 मार्च को कौशांबी पहुंचा था, जहां उसकी जांच कराई गई तो 8 अप्रैल को रिपोर्ट पॉजिटिव मिली। उस पत्र में कहा गया है कि फैक्टरी में उसके साथ काम करने वाले कर्मियों की स्थिति को दिखवा लिया जाए। डॉ. बीके राजौरा ने बताया कि उस पत्र के मिलने के बाद फैक्टरी में टीम भेजी गई थी, लेकिन वहां कोई नहीं मिला। इस बारे में छानबीन की जा रही है, जिससे पूरी स्थिति साफ हो सके। क्योंकि अभी यह भी साफ नहीं है कि वह कर्मी इस फैक्टरी में काम करता था।
महाराजा अग्रसेन अस्पताल की स्टाफ नर्स को किया आइसोलेट
खरखौदा। दिल्ली के महाराजा अग्रसेन अस्पताल में कार्यरत आनंदपुर झरोठ गांव की स्टाफ नर्स को स्वास्थ्य विभाग की तरफ से आइसोलेट किया गया है। इसके साथ ही स्टाफ नर्स के परिवार को भी होम क्वारंटीन कर दिया गया है। वहां कुछ दिन पहले ही कोरोना संक्रमित कई मरीज भर्ती कराए गए थे तो एक पुलिसकर्मी की कोरोना संक्रमित होने के बाद मौत हो गई थी। कोरोना नोडल अधिकारी डॉ. नितिन फलस्वाल का कहना है कि प्राथमिक जांच में परिवार सदस्यों को स्वास्थ्य संबंधी कोई परेशानी नहीं है, लेकिन एहतियात के तौर पर पूरे परिवार को होम क्वारंटीन कर दिया गया है।