सोनीपत। कोरोना पॉजीटिव लोगों के संपर्क में आने वाले सभी की जांच कराने के लिए आइसोलेशन वार्ड में रखा जा रहा है। जिसके लिए नागरिक अस्पताल व जानकीदास अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड बना रखे हैं। इन जगहों पर आइसोलेशन वार्ड में उपचार से लेकर अन्य व्यवस्था को लेकर कोई समस्या नहीं हो। उसको देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने आइसोलेशन वार्ड में 30 डेंटल सर्जनों की ड्यूटी लगाई है। इसके साथ ही बीपीएस महिला मेडिकल कॉलेजों में पांच डेंटल सर्जनों को इंचार्ज बनाया गया है। ऐसे में आइसोलेशन वार्ड में ड्यूटी लगाए जाने पर डेंटल सर्जन ने परिवार व बच्चों से खुद को अलग कर लिया है।
नागरिक अस्पताल में कोरोना संदिग्धों के इलाज के लिए डेंटल सर्जन डॉ. निकिता गर्ग, डॉ. विजेंद्र, डॉ. मीनू गर्ग, डॉ. वितेंद्र, डॉ. अलका मलिक, डॉ. मनीता गिल, डॉ. निधि, डॉ. मंजू यादव, डॉ. सुनील कश्यप, डॉ. मीनू मित्तल, डॉ. रश्मि सिंह, डॉ. दिव्या, डॉ. नितिन गोयल, डॉ. अन्नू, डॉ. बिजेंद्र, डॉ. भावना, डॉ. सुनैना, डॉ. स्वाती मलिक, डॉ. निखिल, डॉ. मीनाक्षी, डॉ. विनय कुमार, डॉ. अनुपमा, डॉ. ज्योति, डॉ. सुदेश, डॉ. सुलेखा, डॉ. प्रतिभा, डॉ. गीता व जानकीदास में डॉ. अलका, डॉ. मीना, डॉ. निकिता, डॉ. अनुपमा, डॉ. संदीप, डॉ. सुभाष की ड्यूटी लगाई गई है। इसके अलावा बीपीएस महिला मेडिकल कॉलेज खानपुर कलां में विशेष आईसोलेशन वार्ड में डॉ. विजेंद्र, डॉ. राकेश, डॉ. राजेश, डॉ. सुनील छिक्कारा व डॉ. योगेश को इंचार्ज लगाया गया है।
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डॉ. निकिता की ढाई साल की बेटी को संभाल रहीं सास
डॉ. निकिता गर्ग ने बताया कि उनकी ढाई साल की बेटी है। अस्पताल से घर जाने पर खुद को सैनिटाइज करने के बाद बेटी के पास जाना पड़ता है। दिनभर उनकी सास बेटी राधण्या को संभाल लेती हैं। ऐसे में वह खुद को अपने कमरे में कुछ समय के लिए आइसोलेट कर लेती हैं। वह कहती हैं कि इस समय उनकी समाज को सबसे ज्यादा जरूरत है, जिसके लिए वह हमेशा तत्पर रहती हैं।
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बच्चों व परिवार से अलग कमरे में रहना पड़ रहा : डॉ अलका
सेक्टर-15 निवासी डॉ. अलका मलिक ने बताया कि अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में आने वालों का इलाज जरूरी है। ऐसे में अस्पताल से ड्यूटी देने के बाद बच्चों व परिवार से अलग कमरे में रहना पड़ रहा है। मेरे पति ईएसआई डिस्पेंसरी में डेंटल सर्जन हैं। बच्चों को खुद को एहतियात बरतने को कहा गया है। साथ ही सावधानी बरती जा रही है।
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डॉ. अनुपमा के दो साल के बेटे को संभाल रहे असिस्टेंट प्रोफेसर
डॉ. अनुपमा ने बताया कि मैं अपने दो साल के बेटे अविराज को अपने क्वार्टर पर छोड़कर अस्पताल में कोरोना संदिग्धों के इलाज के लिए आती हूं। मेरे पति सौरभ जागलान असिस्टेंट प्रोफेसर हैं जो घर पर रहने के कारण बेटे अविराज के साथ दिन बिता रहे हैं। अस्पताल से घर जाने के बाद पहले खुद को सैनिटाइज करना पड़ता है। इसके करीब दो घंटे बाद ही मैं अपने बेटे के पास जा पाती हूं।
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कोरोना की जांच के लिए काफी लोगों केे लाया जा रहा है, जिनको आईसोलेशन वार्ड में रखा जाता है। इस कारण ही डेंटल सर्जनों की भी ड्यूटी लगा दी गई है। वहीं पांच डेंटल सर्जनों को मेडिकल कॉलेज में इंचार्ज बनाया गया है।
-डॉ. बीके राजौरा, सिविल सर्जन
बच्चों से नारियल पानी लेती डॉ. अलका मलिक- फोटो : Sonipat
कमरे में दूर बैठकर बेटी व सास के साथ बोलती डॉ. नीकिता गर्ग- फोटो : Sonipat