सोनीपत। शहर के विवेकानंद चौक के पास निजी अस्पताल में डीसी श्यामलाल पूनिया शुक्रवार को स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ औचक निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल के मुख्य द्वार पर प्रवेश किया तो गार्ड के पास थर्मल स्कैनर नहीं मिला। पूछताछ केंद्र पर मरीजों के तीमारदारों की भीड़ मिली। यह देखकर डीसी ने नाराजगी जताते हुए व्यवस्था ठीक करने के निर्देश दिए। इसके बाद डीसी ने पीपीई किट पहनकर स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ आईसीयू व कोविड सेंटर में निरीक्षण के दौरान कमियां मिलीं। इस पर उन्होंने सिविल सर्जन को अस्पताल में जांच कराने के निर्देश दिए।
निजी अस्पताल में कोरोना संक्रमण को लेकर जारी गाइडलाइन का पालन नहीं किया जा रहा था। आईसीयू व अन्य स्थानों पर अधिकारियों को बायोमेडिकल वेस्ट के निस्तारण के लिए होने वाले उपकरणों व वस्तुएं नदारद मिलीं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी मरीजों के उपचार की राशि की लिस्ट लगी हुई नहीं मिली। इस पर डीसी श्यामलाल पूनिया ने अस्पताल के स्टाफ पर नाराजगी जताते हुए स्वास्थ्य अधिकारियों को संचालक के खिलाफ विभागीय कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
डीसी श्यामलाल पूनिया के नेतृत्व में स्वास्थ्य अधिकारियों की टीम ने लगभग आधा घंटे तक अस्पताल में मरीजों से पूछताछ की और उनकी शिकायत के आधार पर चिकित्सक टीम को आदेश दिए कि वह अस्पताल द्वारा मरीजों के प्रति बरती गई अनियमितताओं को गंभीरता से लेकर रिपोर्ट तैयार करेंगे। उन्होंने इस मौके पर ऑक्सीजन, वेंटिलेटर, आईसीयू, ऑक्सीजन बेड तथा सामान्य बेड की जानकारी हासिल की। अस्पताल में 26 अप्रैल से शुक्रवार तक भर्ती मरीजों का रजिस्ट्रेशन एवं संख्या के बारे में पूछा। अस्पताल प्रशासन द्वारा बताया गया कि 26 अप्रैल को 53 मरीज, 27 अप्रैल को 48, 28 अप्रैल को 36, 29 अप्रैल को 31 तथा 30 अप्रैल को 29 मरीज भर्ती थे।
फीस की लिस्ट विस्तृत ब्योरे सहित लगवाएं
डीसी श्यामलाल पूनिया ने अस्पताल प्रबंधन व स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिए कि मरीजों के उपचार की फीस की लिस्ट विस्तृत ब्योरे सहित सभी अस्पतालों में लगवाएं, ताकि अस्पताल में किसी के साथ ठगी नहीं हो सके। उन्होंने सिविल सर्जन डॉ. जेएस पूनिया को आदेश दिए कि किसी भी कोविड अस्पताल में सरकार द्वारा जारी की गई एसओपी का उल्लंघन पाया गया तो सख्त कार्रवाई करने में पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने चिकित्सकों को यह भी कहा कि इस महामारी के दौर में लगातार कोविड अस्पतालों पर नजर रखें। किसी भी मरीज का दर्द किसी कीमत पर सहन नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि किसी मरीज को ऑक्सीजन और वेंटिलेटर की जरूरत हो तभी उन्हें वेंटिलेटर पर रखा जाए और ऑक्सीजन दी जाए। यदि उनके संज्ञान में यह बात आई कि मरीज से पैसे ऐंठने के लिए उसे डराकर वेंटिलेटर पर रखा जा रहा है। इस बात को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अस्पताल में निरीक्षण के बाद डीसी ने कहा कि नोडल अधिकारी ने अस्पताल संचालक पर बिना डिग्री के उपचार करने व अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होने के बावजूद कोरोना संक्रमित का उपचार न करने को लेकर शिकायत दी थी। जिस पर अस्पताल के खिलाफ सख्त कार्यवाही की बात कही।