सोनीपत। दिल्ली और आसपास कोरोना के कारण हालात खराब होते जा रहे हैं और मरीजों के लिए बेड तक नहीं मिल रहे हैं। गुरुग्राम के सेक्टर-52 की रहने वाली आठ माह की गर्भवती महिला को दो दिन पहले ही बुखार हुआ और उसकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे दिल्ली व गुरुग्राम के अस्पतालों में भर्ती कराने के लिए घूमते रहे। इसके बाद मंगलवार शाम खानपुर कलां के महिला मेडिकल कॉलेज में गर्भवती को भर्ती कराने गए, लेकिन बेड मुहैया नहीं होने के बाद वह रातभर इंतजार करके बुधवार सुबह जिला अस्पताल में लेकर पहुंचे। जहां गायनी वार्ड में भर्ती कराते ही महिला की 10 मिनट बाद ही मौत हो गई।
गुरुग्राम के सेक्टर-52 की रहने वाली महिला आठ माह की गर्भवती थी। दो दिन पहले ही गुरुग्राम में घर पर ही बुखार हो गया था, कोरोना जांच के बाद सैंपल रिपोर्ट पॉजिटिव मिली। उसके बाद उसकी हालत बिगड़ने लगी तो परिजन उसे लेकर पहले गुरुग्राम व दिल्ली के कई अस्पतालों में घुमाते रहे, लेकिन वहां पर बेड मुहैया नहीं हो सका। इसके बाद परिजन मंगलवार शाम गांव खानपुर कलां स्थित बीपीएस महिला मेडिकल कॉलेज में महिला को लेकर पहुंचे। वहां पर बेड की व्यवस्था नहीं हो पाई। ऐसे में मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने उसे भर्ती करने से मना कर दिया। बुधवार सुबह महिला को लेकर परिजन जिला नागरिक अस्पताल में पहुंचे। वहां चिकित्सकों ने सुबह 11 बजे गायनी वार्ड में उपचार के लिए भर्ती कर लिया और हालत ज्यादा बिगड़ने पर 10 मिनट बाद उसकी मौत हो गई। ऐसे में मृतका के पति जसबीर ने बताया कि अगर पत्नी को समय पर अस्पताल में बेड मिल जाता तो उसके पत्नी को लेकर दो दिन तक अस्पतालों में धक्के खाने को मजबूर नहीं होता और उसकी जान भी बच जाती।
वर्जन
जिला अस्पताल के गायनी वार्ड में गुरुग्राम की महिला की मौत कोरोना से हुई है। ऐसे में महिला के शव का अंतिम संस्कार शिव मुक्तिधाम में करा दिया गया है।
- डॉ. जयभगवान जाटान, पीएमओ नागरिक अस्पताल