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कोरोना को हराने के लिए मरीज लेने लगे हंसी की डोज, कोरोना वार्ड में डांस के साथ कर रहे मस्ती

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कोविड अस्पताल के वार्ड में नाचते मरीज - फोटो : Sonipat
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सोनीपत। कोरोना के कारण जहां लोग मानसिक तनाव में आ जाते हैं वहीं बीपीएस मेडिकल कालेज खानपुर कलां के कोविड अस्पताल में भर्ती कोरोना मरीज डांस और मस्ती कर अपना तनाव दूर कर रहे हैं। यह मरीज दूसरों के लिए भी नजीर पेश कर रहे हैं।
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यहां भर्ती मरीजों ने कोविड वार्डों में हंसी की डोज लेनी शुरू कर दी और उसके लिए वह वार्ड में खूब डांस कर रहे है तो मस्ती करते हुए हंसी-मजाक भी खूब करते हैं। वह डांस व मस्ती करते हुए वीडियो बनाकर वायरल कर रहे हैं। अपने घर वालों को वीडियो भेजते हुए मरीज यहां तक कहते है कि यारों की मौज में कोई कमी नहीं है और वह जल्द ठीक होकर घर लौटेंगे। मनोवैज्ञानिक भी मानते है कि इस तरह खुश रहने से मानसिक तनाव दूर होगा तो मरीज जल्दी ठीक हो जाएंगे।
बीपीएस मेडिकल कॉलेज खानपुर कलां को सोनीपत, पानीपत व जींद जिलों का कोविड अस्पताल बनाया गया है। जहां इस समय 100 से ज्यादा कोरोना के मरीज वार्डों में भर्ती हैं और उनका उपचार चल रहा है। कोरोना संक्रमित होने के बाद अधिकतर मरीज ज्यादा मानसिक तनाव मानने लगते है और उसका असर उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता पर पड़ता है। उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होने से मरीज के ठीक होने में ज्यादा समय लगता है। इस मानसिक तनाव को दूर करने के लिए ही खानपुर मेडिकल कॉलेज के कोविड अस्पताल में भर्ती कुछ मरीजों ने नया तरीका अपनाया है। वह वार्ड के अंदर ही खूब नाचते हैं और एक-दूसरे से हंसी मजाक करते हुए मस्ती करते हैं। किसी वीडियो में अकेले मरीज नाच रहा है तो किसी में कई मिलकर एक साथ नाचते हुए है। यह सबकुछ सोनीपत जिले के पबनेरा व ग्यासपुर के मरीजों ने शुरू किया है और वह एक-दूसरे की वीडियो बनाकर उसे वायरल भी कर रहे हैं, जिसमें बीमार नहीं होने की बात कहते हुए अपनी पूरी मौज बता रहे हैं। वहां से मस्ती करते हुए वीडियो बनाकर अपने घर भी भेज रहे है। जिससे उनको देखकर परिवार के लोगों तक का मानसिक तनाव दूर हो रहा है।
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ये म्हारे नेता जी, इनके खूब स्वाद आ रहे
कोविड अस्पताल के वार्ड में एक मरीज वीडियो बना रहा है और वह बार-बार अपने गांव व पड़ोस के गांव के अन्य मरीजों के पास जाता है। जिनमें से एक मरीज से मस्ती करते हुए कहता है कि ये म्हारे नेता जी हैं, इनके यहां खूब स्वाद आ रहे है। वह मरीज हाथ में दूध का गिलास दिखाता है और कहता है कि भाई खूब मौज आरी है।
भाई इसे घरवाली की याद आरी, अर इसने दिल्ली जाना
वह युवक वीडियो बनाता हुआ अपने साथ भर्ती हुए दूसरे मरीज के पास जाता है और उसका नाम लेकर कहता है कि भाई इसे बाकी कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन इसे घरवाली की घनी याद आवै है। उसके बाद दूसरे मरीज के पास जाकर कहता है कि यो भी खूब मौज लेरा सै, इसने दिल्ली जाने की चिंता रहवै है। इसने दिल्ली जरूर जाना सै। इस तरह से आपस में खूब मस्ती करते है।
यार तो नुई मौज लेवे है, बाय कर दो भाई सारे न, गाम मैं भेजनी वीडियो
वहां मरीज डांस करते हुए वीडियो बना रहे है और कहते है कि यार तो नुई मौज लेवे है। यारों की मौज में कोई कमी नहीं है। उसके बाद आखिर में कहते है कि अब बाय कर दो भाई सारे न, गाम मैं भेजनी वीडियो। उसके बाद सभी हाथ हिलाकर बाय करते है और कहते है कि सारे मौज में रह रहे है, जल्दी ठीक होकर घर आ जाएंगे।
वर्जन
जितना आप मानसिक रूप से स्वस्थ होंगे, उतनी जल्दी बीमारी से ठीक होंगे। अगर आप बीमारी को बीमारी नहीं समझेंगे और तनाव में रहने की जगह खुश रहेंगे तो वह जल्दी ठीक हो जाएंगे। इस बीमारी से मरीज मानसिक तनाव में तुरंत आ जाते हैं, लेकिन वहां इस तरह से मरीज एक साथ बैठकर हंस खेल रहे हैं तो वह जरूर जल्दी ठीक होंगे। दवाई लेनी जरूरी है, लेकिन वह मजे में अपना समय काटते है तो उसका असर भी जरूर दिखाई देता है।
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- जैसमिन, एसोसिएट प्रोफेसर, मनोविज्ञान विभाग जीवीएम कन्या कॉलेज
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