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निजी अस्पताल में वेंटिलेटर खाली होने के बाद भी नोडल अधिकारी की चाची को भर्ती नहीं करने पर मौत

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सोनीपत। निजी अस्पतालों में किस तरह से बुरे हालात हैं और उनमें स्थानीय मरीजों को वेंटिलेटर तक खाली होने के बावजूद भर्ती नहीं किया जा रहा है। इसका खुलासा खुद निजी अस्पताल के नोडल अधिकारी बनाए गए आईटीआई के प्रिंसिपल विक्रम सिंह ने किया है। शहर के एक प्राइवेट अस्पताल में वेंटिलेटर खाली होने के बावजूद उनकी चाची को भर्ती नहीं किया गया और उनके सामने ऑक्सीजन के 150 सिलिंडर दिलाने की शर्त रख दी गई। सिलिंडर नहीं दिला पाने के कारण उनकी चाची को भर्ती करने से साफ इंकार कर दिया गया और उनकी मौत हो गई। अब नोडल अधिकारी ने अस्पताल संचालक पर मुकदमा दर्ज कराने की मांग को लेकर डीसी को शिकायत भेजी है।
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निजी अस्पतालों में व्यवस्थाओं को बेहतर रखने के लिए प्रशासन ने नोडल अधिकारी लगाए हुए है। आईटीआई के प्रिंसिपल विक्रम सिंह भी प्राइवेट अस्पताल पर नोडल अधिकारी लगाए गए हैं। विक्रम सिंह ने डीसी को भेजी शिकायत में बताया है कि उनकी चाची विमला देवी की कोरोना के कारण तबीयत खराब होने से गन्नौर के सीता अस्पताल में भर्ती थी। उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ने लगी तो वहां वेंटिलेटर नहीं होने के कारण अन्य अस्पताल मेें लेकर जाने के लिए कहा गया। क्योंकि ऑक्सीजन लेवल लगातार कम होने से उनको वेंटिलेटर पर रखकर ही बचाया जा सकता था। विक्रम सिंह ने बताया कि उनको सोनीपत में जानकारी करने पर पता चला कि एक प्राइवेट अस्पताल में वेंटिलेटर है। वहां के संचालक से संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि वेंटिलेटर खाली है, लेकिन उनके पास ऑक्सीजन नहीं है। उन्होंने नोडल अधिकारी होने के कारण वहां का निरीक्षण किया तो वेंटिलेटर खाली था। जिससे उन्होंने तहसीलदार मनोज अहलावत से आग्रह करके ऑक्सीजन सिलिंडर का इंतजाम कर लिया।
आरोप है कि अस्पताल संचालक ने मरीज को दाखिल करने से इंकार कर दिया और अन्य 150 सिलिंडर दिलाने की शर्त रख दी। इसके लिए तहसीलदार मनोज अहलावत से दोबारा बात की गई तो उन्होंने जरूरत के अनुसार अस्पताल को सिलिंडर उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। आरोप है कि उसके बावजूद अस्पताल संचालक उनको सिलिंडर दिलाने के बाद ही मरीज को भर्ती करने की बात कहता रहा। इस तरह उनकी चाची को भर्ती नहीं किया गया और उनकी मौत हो गई। आरोप है कि अस्पताल संचालक ज्यादा गैस लेकर कालाबाजारी करता है और वह मरीजों से उपचार के नाम पर मोटे रुपये ऐंठने के लिए ज्यादा सिलिंडर मांग रहा था। इस मामले में नोडल अधिकारी विक्रम सिंह ने डीसी श्यामलाल पूनिया से अस्पताल संचालक पर मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।
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नोडल अधिकारी ने कहा कि प्राइवेट अस्पतालों में लूट का खेल जारी
नोडल अधिकारी विक्रम सिंह ने डीसी को भेजी शिकायत में आरोप लगाया है कि इस तरह के प्राइवेट अस्पताल के संचालक कोरोना मरीजों का उपचार करने के नाम पर लूट का खेल कर रहे हैं। मरीजों को भर्ती नहीं किया जा रहा है, जिससे उनकी मौत हो रही है और अन्य मरीजों की मौत होती देखकर लोग ऐसे अस्पताल संचालकों के हाथों लुट रहे हैं। उन्होंने कहा है कि अगर इस लूट को नहीं रोका गया तो हालात काफी बिगड़ते जाएंगे।
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