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कोरोना ने बदला जिंदगी जीने का तरीका

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सोनीपत/गोहाना। पिछले एक साल में कोरोना ने जिंदगी जीने का तरीका पूरी तरह से बदल दिया है। इससे लोगों का जहां लाइफ स्टाइल बदला है, वहीं बेहतर स्वास्थ्य के लिए उनमें रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए जागरूकता आई है। हालांकि कोरोना ने रोजगार, व्यापार और उद्योगों पर काफी प्रभाव डाला है। इसके बावजूद कोरोना ने हर किसी को आपात स्थिति से उभरने की सीख दी है। इसे सभी को अपने बेहतर भविष्य के लिए अपनाना होगा। चिकित्सकों व प्रबुद्ध लोगों का मानना है कि इसके प्रति लापरवाही अब काफी भारी पड़ सकती है, जिससे निपटने के लिए सभी को पहले की तरह सावधानियां बरतनी होंगी।
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कोरोना से लोगों की जिंदगी में काफी बदलाव आया है। हर कोई अपनी सेहत के प्रति जागरूक हुआ है। यही कारण है कि जिले में संक्रमण दर साढ़े चार, मृत्यु दर 0.5 प्रतिशत रही है। स्वास्थ्य और फ्रंट लाइन कर्मियों में भी वैक्सीनेशन के बाद आत्मविश्वास बढ़ा है और वह बेहतर कार्य कर रहे हैं। फिर भी अब कोरोना की दूसरी लहर उभरने की आशंका है तो इससे बचाव के लिए सभी को हर नियम का पालन करना होगा। - डॉ. जसवंत पूनिया, सिविल सर्जन, सोनीपत
कोरोना से पहले लोग अपनी सेहत के प्रति इतने जागरूक नहीं थे। कोरोना के बाद सभी अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता को लेकर जागरूक हुए। लाइफ स्टाइल में बदलाव आया, लेकिन अब कुछ दिनों से लोग इसको लेकर लापरवाही बरते हैं। यही कारण है कि कोरोना की दूसरी लहर अन्य राज्यों में शुरू हो गई है। हालांकि जिले में भी केस बढ़ रहे हैं, इसके लिए सभी को जागरूक होना होगा। अपने खानपान को बेहतर करने के साथ ही इससे बचाव के सभी नियमों को अपनाना होगा। - डॉ. वंदना, डाइटिशियन, ट्यूलिप अस्पताल
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एक साल में लोगों को कोरोना के प्रति पूरी जानकारी मिल गई है। यही वजह है कि लोग इसको लेकर काफी जागरूक हुए हैं। अब इसके बचाव के प्रति लापरवाही बरतना काफी हानिकारक है। इसके नियमों को हमें अपने व्यवहार में अपनाना होगा। पहले की तरह सभी सावधानियां बरतनी होंगी। कोरोना का प्रभाव अब और बढ़ गया है और सावधानियां ही हमें इसके प्रभाव से बचा सकेंगी। हर किसी को अपने साथ दूसरे के बेहतर स्वास्थ्य के बारे में सोचना होगा। - डॉ. दिनेश छिल्लर, जिला कोरोना नोडल अधिकारी
एक साल पहले अचानक से आई बीमारी से लोग पहले डर गए थे। इसके बावजूद उन्होंने बीमारी के अनुरूप जागरूक होना सीखा। अपनी सेहत को बेहतर करने के लिए जीवन में काफी बदलाव लाया, लेकिन अब लोग लापरवाही बरत रहे हैं। इस कारण जिले में कोरोना के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। इससे बचाव का सबसे अच्छा तरीका नियमों का पालन करना है। इसके अलावा हर लाभार्थी को कोरोना की वैक्सीन लगवानी चाहिए, क्योंकि बीमारी का यही सुरक्षा कवच है। - डॉ. चक्रवर्ती, नागरिक अस्पताल, गोहाना
कोरोना आने के बाद लोगों में डर बना, उनका रोजगार गया और आर्थिक नुकसान हुआ। इसके बावजूद लोगों में इनसे उभरने के लिए जागरूकता आई। यही वजह है कि अब वैक्सीन लगवाने वालों की संख्या बढ़ रही है। हालांकि कुछ लोग इसको लेकर लापरवाही बरत रहे हैं, लेकिन उन्हें इसके प्रति जागरूक होना चाहिए। लॉकडाउन में बरती सावधानियों का आज भी पालन करना चाहिए। बुजुर्गों को वैक्सीन लगवाने के लिए प्रेरित करना होगा, क्योंकि इससे कोरोना बढ़ने का एक-दूसरे में प्रभाव कम होगा। - डॉ. जयगभवान जाटान, पीएमओ, नागरिक अस्पताल, सोनीपत
कोरोना का उद्योग धंधों पर सीधा असर पड़ा है। लेबर बहुत कम हो गई है और माल की बिक्री नहीं हो रही है। फिर भी उनमें इससे उबरने की उम्मीद है, क्योंकि कोरोना से बचाव के सभी नियमों का पालन कर रहे हैं। लगातार लेबर को जागरूक किया जा रहा है। लेबर में भी कोरोना को लेकर काफी जागरूकता है। अगर सरकार इसमें उद्योगों की बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर में मदद करें तो हम विदेशों से भी आगे होंगे। - सुभाष गुप्ता, प्रधान, कुंडली औद्योगिक एसोसिएशन
कोरोना से व्यापार 60 प्रतिशत कम हो गया है। लोग अब केवल अपने परिवार का गुजारा करने की तरफ ध्यान दे रहे हैं। कोरोना से बचाव का लोग पालन भी कर रहे हैं, लेकिन उन्हें जीवन के लिए रोजगार, व्यापार आदि की आवश्यकता है। उन्हें उम्मीद है कि लोगों की जागरूकता से फिर से स्थिति सामान्य होगी और हर क्षेत्र में रफ्तार आएगी। किसी को लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए, क्योंकि समय ही हमेशा बदलाव लाता है। - पवन तनेजा, प्रधान, टिंबर मार्केट एसोसिएशन, सोनीपत
कोरोना ने शिक्षा पर काफी प्रभाव डाला है। ऑनलाइन पढ़ाई और समय के अभाव के कारण बच्चे पहले की तरह पाठ्यक्रम का अभ्यास अच्छे तरीके से नहीं कर पाए। इससे परीक्षा परिणाम भी पहले से कम प्रतिशत रहा। शिक्षण संस्थानों को पटरी पर लाने के लिए भारत सरकार ने उनमें कोरोना वैक्सीनेशन अभियान चलाना चाहिए। उन्हें दोबारा से बंद नहीं करना चाहिए। शिक्षण संस्थान बच्चों के साथ ही देश के बेहतर भविष्य के लिए मजबूती के साथ खड़े हैं। - विजय भारतीय, प्रबंधक, सुपर बीडीएस कोचिंग सेंटर, गोहाना
कोरोना के कारण व्यापार पूरी तरह से खत्म हो चुके हैं। लोगों की लापरवाही को देखते हुए यह लग रहा है कि पिछले एक साल में वह कुछ नहीं सीख सके। कोई नियमों का पालन नहीं कर रहा है। पहले कोरोना की दवाई की मांग कर रहे थे, अब वे वैक्सीन तक नहीं लगवा रहे हैं। हमने खुद स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर वैक्सीनेशन अभियान चलाया, लेकिन लोगों की दिलचस्पी नहीं दिखी। बीमारी से जीतने के लिए सभी नियमों का पालन करने के साथ ही वैक्सीन भी लगवानी होगी, तभी जिंदगी अच्छी तरह से पटरी पर लौटेगी। - संजय सिंगला, प्रधान, जिला व्यापार मंडल
कोरोना की शुरुआत में भय के माहौल से लोग जागरूक बन कर उभरे। हर किसी ने अपनी और अन्य की सेहत पर विशेष ध्यान दिया। हालांकि व्यापार इसमें पूरी तरह से ठप हो गए, जो अब तक नहीं उभरें। फिर भी इन दिनों जिस प्रकार लोग लापरवाही बरत रहे हैं, उसके प्रति जागरूक होना चाहिए। सरकार को भी इसको लेकर सख्ती से पेश आना चाहिए। इसके बाद से ही व्यापार, रोजगार और जिंदगी बेहतर होगी। - मोहन वर्मा, महामंत्री, व्यापार मंडल, गोहाना
कोरोना के कारण खेलों पर काफी प्रभाव पड़ा। करीब 10 महीने तक खिलाड़ी घर बैठे रहे, लेकिन अब खेलों को बढ़ावा मिलने लगा है। खेलने से हमारा इम्युनिटी सिस्टम मजबूत बनता है। इसके बावजूद कोरोना महामारी अभी खत्म नहीं हुई है तो इसमें जागरूकता भी बहुत जरूरी है। हर क्षेत्र में कोरोना से बचाव के नियमों का पालन अब भी जरूरी है। बचाव से ही कोरोना महामारी से जीता जाएगा और तभी हमारे देश की पहचान बनेगी। - नवीन हुड्डा, संचालक, बालाजी स्पोर्ट्स अकादमी,गोहाना
कोरोना ने हर क्षेत्र के साथ ही शिक्षा जगत को भी प्रभावित किया है। हालांकि ऑनलाइन कक्षाओं का अनुभव विद्यार्थियों, प्राध्यापकों, कॉलेज प्रशासन के लिए नया और चुनौतीपूर्ण था, फिर भी सभी ने स्वयं को परिपूर्ण करते हुए अपना दायित्व निभाया। मैं मानता हूं कि कोरोना की चुनौती ने एक ऐसी विकट स्थिति पैदा कर दी, जिस विकट स्थिति में शिक्षा जगत के हर वर्ग ने जिस संयम और विवेक शीलता का परिचय दिया है। उसने भारतीय चरित्र की महानता को एक बार फिर ऊंचाई प्रदान की है। - डॉ. बीके गर्ग, प्राचार्य, हिंदू कॉलेज, सोनीपत
कोरोना के प्रति लोग हर तरीके से जागरूक हुए हैं। सरकार और प्रशासन ने भी कोरोना की रोकथाम के लिए बेहतर कार्य किया है। फिर भी आजकल लोग काफी लापरवाह हो गए हैं, जिसे छोड़ना होगा। मास्क, सैनिटाइजर और दो गज की दूरी ही कोरोना के प्रभाव को खत्म कर चुकी है। यही नहीं सरकार लोगों को मुफ्त में वैक्सीन लगवा रही है, जिस पर जीत पाने के लिए सभी को बढ़-चढ़कर आगे आना चाहिए। - सुरेंद्र मदान, पार्षद एवं समाजसेवी, सोनीपत
कोरोना से उद्योग को भारी नुकसान हुआ है। व्यापारियों को डर है कि कहीं फिर से लॉकडाउन जैसी स्थिति पैदा न हो जाए। इसको लेकर हर किसी के जागरूक होने की आवश्यकता है। जिस तरीके से लोगों में कोरोना की शुरुआत में ही बदलाव आया था और उन्होंने हर सावधानी बरती थी, अब भी वही समय है। अगर इन सावधानियों का पालन नहीं किया तो यह सभी के लिए हानिकारक हो सकता है। इससे उभरने के लिए हर किसी को जागरूक होना होगा। - शमशेर शर्मा, प्रधान, बड़ी औद्योगिक एसोसिएशन
कोरोना से 50 प्रतिशत लोग जूझ रहे हैं और 40 प्रतिशत उद्योग पर प्रभाव पड़ा है। फिर भी इससे बचाव के लिए लोगों ने अपने जीने का स्टाइल बदल लिया है। इससे कोरोना के केसों में काफी कमी आई है। लेकिन अब केस बढ़ रहे हैं, यह लोगों की लापरवाही के कारण है। उनकी एसोसिएशन सभी नियमों का पालन करा रही है। इसके साथ ही क्षेत्र में कोरोना वैक्सीनेशन करवाने का निर्णय लिया है, जो सभी के लिए आवश्यक है और बीमारी से बचने का बेहतर उपाय है। इसे सभी को अपनाना होगा। - राकेश देवगन, प्रधान, राई औद्योगिक एसोसिएशन
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