इस अस्पताल में अब दोबारा से काफी खामियां होने की शिकायत डीसी को मिली थी, जिस पर डीसी ने अस्पताल का दो दिन पहले ही औचक निरीक्षण कराया था। इस दौरान पूरे मामले का खुलासा हुआ । वहां कोरोना व सामान्य मरीजों को एक साथ भर्ती किया गया था।
इसके अलावा प्रशासन से कोरोना मरीजों के लिए जितने बेड स्वीकृत किए गए थे, उनसे ज्यादा भर्ती थे। इस तरह सामान्य मरीजों की जिंदगी दांव पर लग रही थी, जिसको डीसी श्यामलाल पूनिया ने काफी गंभीर माना है। इसलिए डीसी श्यामलाल पूनिया ने आदेश दिया कि अस्पताल में अब कोरोना मरीजों को भर्ती नहीं किया जाएगा और वहां केवल सामान्य मरीजों का उपचार होगा।
सीएमओ भी हुए लापरवाह, डीसी ने जताई नाराजगी
निजी अस्पतालों के निरीक्षण की जिम्मेदारी सीएमओ की होती है लेकिन वह अपनी जिम्मेदारी को सही तरीके से पूरा नहीं कर रहे हैं। यह खुद डीसी श्यामलाल पूनिया ने उनको भेजे पत्र में लिखा है कि अस्पतालों के निरीक्षण में चूक व लापरवाही कर रहे है जो किसी भी तरह से सही नहीं है। इसको लेकर ही डीसी श्यामलाल पूनिया ने सीएमओ से नाराजगी जताई है।
हरियाणा अस्पताल में जब मैंने निरीक्षण किया था तो वहां काफी खामियां मिली थीं। उनको ठीक करने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन अब दोबारा निरीक्षण कराया गया तो वहां कोरोना व सामान्य मरीजों को एक साथ रखा गया था। इसके अलावा स्वीकृत से ज्यादा बेड पर कोरोना मरीज भर्ती थे। इसलिए ही उसको कोरोना अस्पतालों की लिस्ट से बाहर कर दिया गया है। - श्यामलाल पूनिया, डीसी।