फोटो : सोनीपत के मॉडल टाउन स्थित शिक्षा विभाग कार्यालय में आयोजित कार्यशाला को संबोधित करते मु
सोनीपत। महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से शुक्रवार को मॉडल टाउन स्थित शिक्षा विभाग कार्यालय में बाल संरक्षण कानून, विभागीय समन्वय, विभिन्न हितधारकों की भूमिका, उत्तरदायित्व विषय पर क्षमता संवर्धन कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का संयोजन जिला सहायक परियोजना समन्वयक डॉ. अत्तर सिंह ने किया।
मुख्य अतिथि समग्र शिक्षा की जिला परियोजना समन्वयक (डीपीसी) कृष्णा खत्री ने विद्यालयों की भूमिका, बाल सुरक्षा, ड्रॉपआउट बच्चों की पहचान, अनिवार्य शिक्षा, शिक्षा विभाग की ओर से अपनाई जाने वाली प्रक्रियाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बाल संरक्षण के लिए सभी विभागों का समन्वित प्रयास समय की आवश्यकता है।
जिला बाल संरक्षण अधिकारी (डीसीपीओ) डॉ. ऋतु गिल ने जिला बाल संरक्षण इकाई की कार्यप्रणाली, विभिन्न बाल संरक्षण योजनाओं, बच्चों के सर्वोत्तम हित, विभागीय समन्वय को और अधिक प्रभावी बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के पूर्व जिला अध्यक्ष डॉ. राज सिंह सांगवान ने कहा कि बाल संरक्षण केवल किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सभी संबंधित विभागों एवं संस्थाओं की साझा जिम्मेदारी है और प्रभावी समन्वय से ही बच्चों के अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।
इस दौरान जिला सहायक परियोजना समन्वयक अमित भनवाला, सागर, सुनीता देवी, बबीता शर्मा, राममन्ना, साहिल घनघस, प्रेमलता सहित मौजूद रहे।