फोटो 34: सोनीपत के गांव छिछड़ाना में पहुंचे भारतीय किसान यूनियन चढूनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरन
गोहाना। भारतीय किसान यूनियन चढूनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने कहा कि राज्य सरकार सहकारी चीनी मिलों को देरी से शुरू करने पर अपनी मंशा स्पष्ट करें। प्राइवेट मिल पहले गन्ने की पेराई शुरू कर देते हैं। इससे स्पष्ट है कि सरकार निजी चीनी मिलों को फायदा पहुंचाने के लिए सहकारी चीनी मिलों को देर से चालू करती हैं।
गुरनाम सिंह ने रविवार को गांव छिछड़ाना के खेतों में पहुंचकर गन्ना कटाई व छिलाई का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्राइवेट चीनी मिल 10-12 दिन पहले गन्ने की पेराई शुरू कर चुके हैं। दूसरी तरफ राज्य सरकार द्वारा सहकारी चीनी मिलों को जानबूझ कर देरी से शुरू किया जाता है।
जब तक सहकारी चीनी मिलों में पेराई शुरू होती है तब तक किसान लाखों क्विंटल गन्ना प्राइवेट मिलों में पहुंचा देते हैं। इसी के चलते सहकारी चीनी मिलों को घाटा होता है। काफी किसान ऐसे हैं जो अगेती किस्मों के गन्ने की नवंबर-दिसंबर में कटाई के बाद अपने खेतों में गेहूं की बिजाई करते हैं।
सहकारी चीनी मिल देरी से चालू होते हैं, जिससे किसान गेहूं की बिजाई नहीं कर पाते हैं। अगर सरकार भी समय पर सहकारी चीनी मिलों को शुरू करे तो किसानों व चीनी मिलों, दोनों को फायदा होगा। क्षेत्र के किसान कई बार गांव आहुलाना स्थित चौ. देवीलाल सहकारी चीनी मिल के अधिकारियों से मिले और 20-25 नवंबर तक मिल चालू करने की मांग की थी।
इस दौरान यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष सत्यवान नरवाल, कृष्ण मलिक व अन्य किसान रहे।