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Sonipat News: नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल का कठोर कारावास

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सोनीपत। खरखौदा क्षेत्र में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में फास्ट ट्रैक विशेष अदालत (पॉक्सो) ने दोषी को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर कुल 52 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इसमें से 40 हजार रुपये पीड़िता के दिए जाएंगे। जुर्माना जमा नहीं करने पर दोषी को सात माह अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार 4 फरवरी 2025 में पीड़िता की मां ने खरखौदा थाने में शिकायत दी थी कि उनकी 15 साल की बेटी घर पर अकेली थी। इसी दौरान पड़ोस में काम करने वाला आरोपी रणबीर उर्फ अजय उर्फ कालू उनके घर में पहुंचा था। आरोपी ने बेटी को ऊपर बने कमरे में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया था।
आरोप था कि आरोपी ने नाबालिग को घटना के बारे में किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी भी दी। शिकायत के अनुसार आरोपी ने नवंबर 2024 से जनवरी 2025 के बीच नाबालिग के साथ तीन-चार बार दुष्कर्म किया था। बाद में आसपास के लोगों से जानकारी मिलने पर परिजनों को घटना का पता चला और फिर बेटी ने भी अवगत कराया।
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चिकित्सकीय जांच से लेकर जुटाए गए साक्ष्य
जांच के दौरान पुलिस ने पीड़िता का चिकित्सकीय परीक्षण कराया। उसके आयु संबंधी दस्तावेज, चिकित्सकीय कागजात और अन्य साक्ष्य कब्जे में लिए गए। पीड़िता की बाल कल्याण समिति के माध्यम से काउंसिलिंग कराई गई और अदालत में उसका बयान दर्ज कराया गया। पुलिस ने 6 फरवरी 2025 को आरोपी को गिरफ्तार किया गया था।
अदालत ने सुनाई कठोर कारावास की सजा
सुनवाई के बाद अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरेंद्र की फास्ट ट्रैक विशेष अदालत (पॉक्सो) ने 25 सितंबर को आरोपी को दोषी ठहराया। 30 सितंबर को जारी सजा वारंट के अनुसार पॉक्सो अधिनियम की धारा 6 के तहत 20 वर्ष का कठोर कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया। भारतीय न्याय संहिता की धारा 351(2) धमकी देने में दो वर्ष का कठोर कारावास और दो हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना नहीं भरने पर सात माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। दोनों सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
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