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Sonipat News: बिजली बिल माफी का झूठा वीडियो देखकर लोक अदालत में पहुंचे उपभोक्ता

Sat, 14 Mar 2026 08:33 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
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फोटो : सोनीपत के जिला न्यायिक परिसर में लोक अदालत के दौरान अपनी देखरेख में केस का निपटान कराते
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संवाद न्यूज एजेंसी
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सोनीपत। राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन शनिवार को जिला समेत उपमंडल न्यायालय परिसर में किया गया। इसमें 20,259 मुकदमों का आपसी सहमति से निपटारा किया गया। इस दौरान 7,82,63,794 रुपये की राशि का निपटारा किया गया।
सोशल मीडिया पर फैली झूठी अफवाह के कारण शनिवार को लोक अदालत के बाहर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। वीडियो में दावा किया गया था कि लोक अदालत में बिजली बिल माफ किए जा रहे हैं। कोर्ट परिसर में मौजूद अधिकारियों ने ऐसी योजना न होने की बात कही।
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राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में मोटर दुर्घटना क्लेम मामलों के 49 केसों का निपटारा किया गया जिसमें वादियों को 3,05,97000 रुपये की समझौता राशि दिलाई गई। इसके अलावा 9710 चालानों का निपटारा किया गया।
88,89,900 रुपये की राशि वसूली गई। फौजदारी के 118 केस, 389 सिविल केस, 170 लेबर केस, 600 बिजली संबंधित केस, 164 वैवाहिक विवाद संबंधी, 7768 राजस्व मामलों से संबंधित, 231 चेक बाउंस संबंधित केसों का भी निपटान किया गया। इसमें 1,93,22,030 रुपये की राशि का निस्तारण किया गया।
बैंक रिकवरी मामलों का भी निपटारा

जिला एडीआर सेंटर सोनीपत में स्थायी लोक अदालत के माध्यम से विभिन्न बैंकों के बैंक रिकवरी से संबंधित 104 केसों का निपटान किया गया। टेलीफोन के बिल रिकवरी से संबंधित 32 केसों का निपटान किया गया। इसके अतिरिक्त अन्य मामलों से संबंधित 924 केसों का निपटारा किया गया ।

प्रचेता सिंह, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी व सचिव, जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण की ओर जारी विज्ञप्ति में बताया कि विभिन्न न्यायालयों की बेंचों ने केसों का निपटारा किया गया। पुलिस विभाग, राजस्व अधिकारी और तहसीलदारों की बेंचों ने राजस्व और अन्य सहायक मामलों का निपटान किया गया। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग, सोनीपत द्वारा भी उपभोक्ता मामलों का निपटान किया गया।
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बिजली बिल माफी को लेकर कोई योजना नहीं
जिला पार्षद संजय बड़वासनी ने बताया कि लोक अदालत के दौरान ड्यूटी पर मौजूद अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सरकार या विभाग की ओर से बिजली बिल माफी को लेकर कोई योजना नहीं है। लोक अदालत का उद्देश्य केवल दोनों पक्षों के आपसी विवादों का समझौते के माध्यम से समाधान करना है। यदि किसी मामले में दोनों पक्ष सहमति से समझौता करना चाहते हैं तो लोक अदालत उनकी मदद कर सकती है लेकिन किसी का बिल सीधे माफ करने का अधिकार लोक अदालत के पास नहीं है।

फोटो : सोनीपत के जिला न्यायिक परिसर में लोक अदालत के दौरान अपनी देखरेख में केस का निपटान कराते

फोटो : सोनीपत के जिला न्यायिक परिसर में लोक अदालत के दौरान अपनी देखरेख में केस का निपटान कराते

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