सोनीपत। आईआईटी दिल्ली के राजीव गांधी एजुकेशन सिटी राई स्थिति सोनीपत कैंपस में अटल इन्क्यूबेशन सेंटर (एआईसी) की ओर से आयोजित ‘फ्यूचर फाउंडर्स’ प्री-इन्क्यूबेशन कार्यक्रम का पहला चरण सम्पन्न हो गया। पांच दिवसीय बूटकैंप के बाद चयनित 45 युवा नवाचार कर्ता तीन माह तक हाइब्रिड मोड में अपने स्टार्टअप आइडिया पर काम करेंगे।
कार्यक्रम के दूसरे चरण में युवाओं को बिजनेस वैलिडेशन (बाजार की मांग की पहचान), प्रोडक्ट डेवलपमेंट, मार्केट स्ट्रेटजी और निवेशकों के समक्ष प्रस्तुति की तैयारी तक विशेषज्ञों का मार्गदर्शन मिलेगा जिससे वह अपने नवाचार को एक मजबूत, स्केलेबल और इन्क्यूबेशन के लिए तैयार स्टार्टअप में बदल सकेंगे।
वह हाइब्रिड मोड (ऑनलाइन एवं ऑफलाइन) में अपने स्टार्टअप विचारों को विकसित करने पर कार्य करेंगे। इसका उद्देश्य युवाओं के अभिनव विचारों को व्यावहारिक, मजबूत और बाजार की आवश्यकताओं के अनुरूप स्टार्टअप मॉडल में परिवर्तित करना है।
इन्क्यूबेशन प्रोग्राम के लिए तैयार होंगे प्रतिभागी
तीन माह के इस प्री-इन्क्यूबेशन चरण के समापन पर प्रतिभागी अपने स्टार्टअप मॉडल, प्रोटोटाइप और विस्तृत बिजनेस रणनीति के साथ एआईसी आईआईटी दिल्ली के अगले स्तर के इन्क्यूबेशन कार्यक्रम के लिए प्रस्तुत होंगे। यह पहल नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के साथ-साथ युवाओं को रोजगार सृजनकर्ता के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
मजबूत नींव से विस्तार योग्य स्टार्टअप तक का सफर
एआईसी आईआईटी दिल्ली के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) आलोक पांडेय ने कहा कि कार्यक्रम का पहला चरण प्रतिभागियों के लिए उद्यमिता की मजबूत नींव रखने का महत्वपूर्ण माध्यम रहा है। वहीं दूसरा चरण उनके विचारों को व्यवहारिक, निवेश योग्य और बड़े स्तर पर विस्तार योग्य (स्केलेबल) स्टार्टअप में बदलने की दिशा में निर्णायक भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि एआईसी आईआईटी दिल्ली का उद्देश्य युवाओं को केवल विचार देने तक सीमित नहीं रखना बल्कि उन्हें सफल उद्यमी बनने के लिए आवश्यक संसाधन, मार्गदर्शन और अवसर उपलब्ध कराना है।
टीम के समन्वय से सफल रहा पहला चरण
कार्यक्रम के सफल संचालन में एआईसी आईआईटी दिल्ली की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। डॉ. हिमांशु, अक्षय सिंह और कृष्णा ताकले ने पूरे प्री-इन्क्यूबेशन बूटकैंप का प्रभावी समन्वय करते हुए विभिन्न सत्रों, मेंटरशिप गतिविधियों और प्रतिभागियों के अनुभव को सुव्यवस्थित ढंग से संचालित किया जिससे कार्यक्रम का पहला चरण सफलतापूर्वक सम्पन्न हो सका।