सोनीपत। साल 2022 में खरीफ सीजन में बारिश व ओलावृष्टि से फसलों को पहुंचे नुकसान के मुआवजे के लिए संघर्ष कर रहे किसानों को राहत मिली है। प्रशासन ने मामले में हस्तक्षेप करते हुए बीमा कंपनी को उस समय आवेदन करने वाले 1079 किसानों को मुआवजा देने के आदेश दिए हैं। इसके लिए कृषि विभाग ने किसानों से पांच दिन के भीतर संबंधित कागजात संबंधित खंड कृषि कार्यालय में जाम करवाने को कहा है।
साल 2022 में बारिश व ओलावृष्टि से फसलों में हुए नुकसान के बाद किसानों पर दोहरी मार पड़ी थी। फसल बर्बाद होने के बाद बीमा कंपनी ने किसानों के आवेदन निरस्त कर मुआवजा देने से इंकार कर दिया था। मुआवजे की मांग को लेकर किसान करीब डेढ़ साल संघर्ष कर रहे थे। किसानों ने जनवरी में उपायुक्त डॉ. मनोज कुमार से मिलकर अपनी समस्या से अवगत कराया था। जिसके बाद मामला कृषि मुख्यालय में भेजा गया था। किसानों के अनुसार प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ सीजन 2022 में करीब 2529 किसानों का मुआवजा रिलायंस जनरल इंश्योरेस कंपनी ने निरस्त कर दिए थे। किसानों ने आवाज उठाई तो कंपनी ने किसानों का प्रीमियम लौटा दिया था। किसानों ने सरकार व प्रशासन से मांग की थी कि उन्हें प्रीमियम नहीं, मुआवजा चाहिए। गोहाना में इस मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरना भी चल रहा है।
भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के प्रदेशाध्यक्ष सत्यवान नरवाल ने कहा कि कृषि विभाग की तरफ से एक पत्र मिला है। जिसमें किसानों से कुछ कागजात मांगे गए हैं। यह कागजात कंपनी पहले ही जमा करवा चुकी है तो अब कागजात मांगने का औचित्य नहीं रह जाता। इसको लेकर बुधवार को धरनास्थल पर मंथन किया जाएगा, उसके बाद ही आगामी निर्णय लेंगे।
कहां कितने किसानों को मिलेगा मुआवजा
खंड किसान
गोहाना : 292
मुंडलाना : 254
कथूरा : 120
खरखौदा : 281
सोनीपत : 72
राई : 35
गन्नौर : 25
वर्जन
वर्ष 2022 में खरीफ फसलों में हुए नुकसान का मुआवजा देने से बीमा कंपनी ने इंकार कर दिया था। मुख्यालय व प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बीमा कंपनी को मुआवजा जारी करने के आदेश दिए हैं। प्रभावित किसानों से कागजात मांगे गए हैं।-डाॅ. पवन शर्मा, कृषि उपनिदेशक, सोनीपत