फोटो :19: सोनीपत के कच्चे क्वार्टर बाजार के पास ठंड के बीच गर्म कपड़े में मुंह ढापकर जाती युवती।
सोनीपत। कड़ाके की सर्दी ने दस्तक दे दी है। सोनीपत में नहर किनारे का न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड 1.5 डिग्री तक गिरने से लोग कांपने को मजबूर हो गए हैं। शीतलहर के चलते हिसार के बाद सोनीपत प्रदेश में सबसे ठंडा रहा। अधिकतम तापमान भी 21.7 डिग्री दर्ज हुआ। शहरी क्षेत्र में लगे स्वचालित मौसम स्टेशन (एडब्ल्यूएस) पर न्यूनतम तापमान 3.5 डिग्री सेल्सियस रहा। हवा चलने से प्रदूषण का स्तर कम हो गया है।
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में पश्चिमी विक्षोभ का असर खत्म होने के बाद से उत्तर-पश्चिमी हवा चल रही है। इससे पहाड़ी क्षेत्रों में हुई बर्फबारी के चलते अब मैदानी क्षेत्र में शीतलहर चलने लगी है। इसके कारण बुधवार को ठंड का असर दिखाई दिया। गांव सरगथल के पास नहर के पास लगे एडब्ल्यूएस पर न्यूनतम तापमान महज 1.5 डिग्री सेल्सियस रहा। हिसार में भी तापमान 1.5 डिग्री सेल्सियस रहा है। सुबह के समय लोगों को ठंड का अधिक अहसास हुआ। धूप निकलने के बाद लोगों को राहत मिल सकी। इससे ठंड से हल्की राहत मिली। मौसम विभाग ने अनुसार अभी ठंड का प्रकोप बना रहेगा। शीतलहर का सितम सहना पड़ेगा। ऐसे में ठिठुरती ठंड से राहत मिलने की उम्मीद अभी कम है। माह के दूसरे पखवाड़े में अधिकतम तापमान 20 डिग्री से नीचे आ सकता है। मौसम शुष्क बना रहेगा और पांच दिन तक शीतलहर चलने की चेतावनी जारी की है।
एक्यूआई पहुंचा 102
लगातार हवा चलने से वायु गुणवत्ता सूचकांक 102 दर्ज किया गया। एक दिन पहले भी यह 100 दर्ज किया था। दिनभर 10 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से हवा चलती रही।
किसानों को हो रहा फायदा
मौसम के मिजाज का असर बेशक जनजीवन पर पड़ने लगा है, लेकिन किसानों को काफी राहत मिली है। तापमान में कमी के कारण गेहूं की फसल की बढ़वार बेहतर हो सकेगी। साथ ही अन्य फसलों को भी फायदा होगा। लगातार धूप निकलने से किसान खाद का छिडक़ाव, दवाइयों का स्प्रे भी कर सकते हैं।
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पश्चिमी विक्षोभ का असर खत्म होने के बाद पहाड़ों शीतलहर मैदानी क्षेत्रों पहुंचनी शुरू हो गई है। इसके कारण अधिकतम के साथ-साथ न्यूनतम तापमान में भी गिरावट आई है। हवा की गति तेज होने से अब वायु गुणवत्ता सुधरी है। शीतलहर के प्रकोप से अभी राहत नहीं मिलेगी।
- डॉ. प्रेमदीप, मौसम वैज्ञानिक, केवीके जगदीशपुर