सीएम ने कहा कि मंडी के निर्माण कार्य को अप्रैल तक पूरा कर लिया जाएगा। उसके बाद अगले दो महीने में मंडी में दुकान आवंटन की पॉलिसी तैयार की जाएगी और उसके तुरंत बाद ही आवंटन शुरू कर दिया जाएगा। इस तरह से अगस्त तक मंडी को हर हाल में शुरू कर दिया जाएगा। सीएम ने कहा कि यह बड़ा प्रोजेक्ट है, जिसके एक-एक चरण को पूरा करके आगे बढ़ा जाएगा। सीएम मनोहर लाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मंडी में व्यापारियों, किसानों और ग्राहकों को कोई दिक्कत नहीं आनी चाहिए, जिसके लिए सभी व्यवस्थाएं बेहतर ढंग से सुनिश्चित हो।
मंडी के लिए अधिग्रहीत जमीन के बदले प्लॉट दिए जाएंगे, सीएम वहां भी पहुंचे
मंडी के लिए 68 किसान की जमीन का अधिग्रहण किया गया था, जिनको प्लॉट दिए जाने हैं। सीएम मनोहर लाल ने उस जगह का निरीक्षण भी किया, जहां प्लॉट देने के लिए जगह निर्धारित की गई है। मंडी की जमीन पर रहने वाले उन 171 लोगों के लिए भी सीएम मनोहर लाल ने जमीन देखी, जहां उन्हें एक लाख 66 हजार रुपये कीमत पर दो मरले का प्लाट उपलब्ध करवाया जाना है।
सीएम ने अधिकारियों को इस बारे में रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए। इसके बाद सीएम मनोहर लाल वहां से ऋषि चैतन्य आश्रम पहुंचे और वहां गुरू मंदिर में दर्शन किए। वहां स्वामी अनंतानंद के साथ अन्य ने सीएम का स्वागत किया और वहां शंखनाद के साथ वैदिक मंत्रोच्चारण भी किया गया।
इस दौरान सांसद रमेश कौशिक, राई के विधायक मोहन लाल बड़ौली, पूर्व मंत्री कविता जैन, पूर्व मंत्री कृष्ण बेदी, गन्नौर की विधायक निर्मल रानी, जजपा जिलाध्यक्ष पदम सिंह दहिया, भाजपा नेता मनोज जैन, रविंद्र दिलावर, निशांत छौक्कर, आजाद नेहरा, मनिंद्र सन्नी, देवेंद्र कौशिक, रामकुमार धनखड़, ललित बतरा, मंजू कौशिक, मार्केटिंग बोर्ड के मुख्य प्रशासक जे गणेशन आदि मौजूद रहे।
बड़ी गांव की 75 एकड़ पंचायती जमीन पर भविष्य में बड़ा प्रोजेक्ट लाएंगे
सीएम मनोहर लाल ने नेशनल हाईवे पर बड़ी गांव की 75 एकड़ पंचायती जमीन का भी निरीक्षण किया। सीएम ने जमीन को देखकर कहा कि वहां भविष्य में कोई बड़ा प्रोजेक्ट लाया जा सकता है। वहां अधिकारियों ने सीएम को बताया कि बड़ी गांव की इस जमीन को पंचायत ने अपोलो ग्रुप को पट्टे पर दिया हुआ है, जहां शिक्षण संस्थान खोले जाने थे। लेकिन वहां केवल एक ही स्कूल खोला गया। इस कारण काफी जमीन खाली पड़ी है और उस पर बड़ा प्रोजेक्ट लाकर इस्तेमाल किया जा सकता है।