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गुरु तेग बहादुर के लिए शीश कटवाने वाले खुशहाल सिंह की जमीं को मेरा प्रमाण

Mon, 16 Nov 2015 01:13 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला (राई) सोनीपत
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सीएम मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि धर्म की रक्षा तथा देश को आजाद कराने में सिख समाज की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। गुरु तेग बहादुर ने देश व इंसानियत के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए।
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उनके लिए अपना शीश कटवाने वाले बढ़खालसा के जवान खुशहाल सिंह व उसकी जमीं को वे प्रमाण करते हैं। वे रविवार को हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा राई औद्योगिक एरिया में आयोजित धार्मिक सभा को संबोधित कर रहे थे।

सीएम ने कहा कि गुरु तेग बहादुर ने जब मुगलों के सामने झुकने से मना कर दिया तो उन्होंने उसे तरह-तरह की यातनाएं दी गईं और 9 नवंबर 1675 को उनका शीश कलम कर दिया। जब भाई जैता सिंह उनका शीश लेकर आनंदपुर साहिब जा रहे थे तो इसी पवित्र जगह बढ़खालसा में उन्हें पता लगा कि मुगल सेना उनका पीछा कर रही है।
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इसके बाद इसी गांव के एक व्यक्ति खुशहाल सिंह ने अपना शीश काटकर मुगलों को दे दिया और गुरु तेग बहादुर का शीश सुरक्षित आनंदपुर साहिब पहुंच गया। इसी वजह से इस स्थान का नाम बड़ा खालसा यानी बढ़खालसा रखा गया। सीएम ने कहा कि ऐसे पवित्र स्थल पर मैं शीश नवाता हूं।

सीएम ने कहा कि भेदभाव मुक्त समाज की परिकल्पना को सार्थक करके ही गुरू तेग बहादुर के सपने को साकार किया जा सकता है। इसलिए हरियाणा एक-हरियाणवी एक का नारा दिया है। इस दौरान सिख समाज द्वारा रखी गई मांगों पर उन्होंने कहा कि समाज के सभी लोग एकत्र होकर कमेटी बनाएं ताकि उनकी मांगों को पूरा किया जा सके।

इस अवसर पर महिला, बाल विकास एवं समाज कल्याण मंत्री कविता जैन, सांसद रमेश कौशिक, भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष राजीव जैन, भाजपा जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश आत्रेय, ललित बत्रा, मुख्यमंत्री के ओएसडी राजकुमार भारद्वाज, आजाद सिंह नेहरा, पूर्व मंत्री कृष्णा गहलावत, रामचंद्र जांगड़ा, मोहन लाल बड़ौली, रिजकराम आंतिल, पंडित अशोक नांगल आदि मौजूद रहे।

सीएम का इंतजार करते रहे समिति सदस्य
उधर, सीएम मनोहर लाल खट्टर के बढ़खालसा मेमोरियल में नहीं पहुंचने पर समिति के सदस्यों ने रोष प्रकट किया। उनका कहना है कि पहले प्रशासन ने उन्हें सूचित किया था सीएम धार्मिक सभा के साथ-साथ स्मारक स्थल पर भी आएंगे, लेकिन काफी इंतजार के बाद वे नहीं आए।

सरदार त्रिलोक सिंह, मंजीत, सुरेंद्र सिंह, गुरविंदर, बलवंत व चरन सिंह ने कहा कि इस बात की निराशा है कि पास ही कार्यक्रम होने के बाद भी सीएम ने इस ऐतिहासिक जगह के लिए समय नहीं निकाला। इसके बाद समिति सदस्यों ने भाई जैता सिंह की प्रतिमा को फूल माला पहनाकर श्रद्धांजलि दी।
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