शहर से पशु डेयरियों को बाहर निकालने का रास्ता साफ हो गया है। मंडलायुक्त अनीता यादव की देखरेख में शुक्रवार को हुई बैठक में प्लॉट का रिजर्व प्राइज (आरक्षित मूल्य) 6 हजार रुपये प्रति वर्ग गज निर्धारित किया गया।
हरसाना कलां गांव के पास निर्मित डेयरी कॉम्पलेक्स में प्लॉट के रेट तय नहीं होने के कारण पिछले काफी सालों से आवंटन का कार्य अटका हुआ था। डेयरियों के लिए 137 प्लॉट उपलब्ध हैं, जिनमें 10 मरला, 14 मरला और एक कनाल के प्लॉट शामिल हैं। डेयरी प्लॉट के आवंटन के लिए बोली की जाएगी। पशुपालकों को नो प्रोफिट-नो लॉस के आधार पर प्लॉट आवंटित किए जाएंगे।
मंडलायुक्त अनीता की बैठक में डेयरियों के लिए प्लॉट के रिजर्व प्राइज तय होने के बाद नगर निगम की ओर से आवंटन प्रक्रिया जल्द शुरू हो जाएगी। प्लॉट आवंटित करने के बाद डेयरियों से शहर से बाहर निकलने के लिए शहरी स्थानीय निकाय के आदेश के बाद नियम भी सख्त किए जाएंगे। मंडल आयुक्त ने बताया कि नगर निगम ने दिसंबर 2019 में 11500 रुपये प्रति वर्ग गज प्लॉट का रिजर्व प्राइज निर्धारित किया था, लेकिन सरकार ने बाद में निर्देश दिए कि रिजर्व प्राइज व्यावसायिक की बजाय कृषि गतिविधियों के अनुसार तय किया जाए। फिर दोबारा 5641 प्रति वर्ग गज रिजर्व प्राइज तय किया गया। यह मूल्य स्वीकार नहीं हुए।
निगम आयुक्त जगदीश शर्मा ने बताया कि जनवरी 2020 में हुई बैठक में सरकार की ओर से निर्देश मिले कि कलेक्टर रेट, मार्केट रेट आदि के आधार पर डेयरियों के लिए प्लॉट के रिजर्व प्राइज निर्धारित किया जाए। ऐसे में अब 6 हजार रुपये प्रति वर्ग गज आरक्षित मूल्य का निर्धारण किया गया है। उन्होंने बताया कि 17 एकड़ में डेयरी कॉम्पलेक्स विकसित करवाने के लिए हरसाना कलां में करीब 9 करोड़ 86 हजार रुपये खर्च किये जा चुके हैं। अभी यहां पर विभिन्न सुविधाओं के लिए करीब 5.5 करोड़ रुपये और खर्च किए जाएंगे। भूमि खरीद, अभी तक किए गए विकास खर्च व भविष्य में किए जाने वाले अन्य खर्चों को लेकर यहां कुल मिलाकर करीब 23 करोड़ 48 लाख 86 हजार रुपये की लागत आएगी।
इन प्लॉट में रखे जाएंगे इतने पशु
डेयरी स्थानांतरण के लिए नो प्रोफिट-नो लॉस फार्मूले के आधार पर रिजर्व प्राइज निर्धारित किया गया है। डेयरी कॉम्पलेक्स में 137 प्लॉट हैं। डेयरी कॉम्पलेक्स के अंदर 10 मरला (250 वर्ग गज) के 100 प्लाट में 5 से 15 पशु रखे जा सकते हैं। 14 मरला (325 वर्ग गज) के 30 प्लॉट में 16 से 25 पशुओं को रखा जा सकता है। वहीं एक कनाल के 7 प्लॉट में 26 से 50 पशुओं को रखा जा सकेगा। डेयरी स्थानांतरण से शहर में लोगों को खासी सुविधाएं मिलेंगी। सीवरों की रुकावट की समस्या प्रमुख रूप से शामिल है। डेयरी स्थानांतरित होने के बाद विभिन्न समस्याओं से निजात मिलेगी। इस दौरान डीसी ललित सिवाच, निगम के आयुक्त जगदीश शर्मा, संयुक्त आयुक्त सुभाष चंद्र, नगराधीश जितेंद्र जोशी, तहसीलदार मनोज अहलावत आदि मौजूद रहे।