नगर निगम के संविदा सफाईकर्मियों को दो माह से वेतन नहीं मिल रहा है। इस समस्या से परेशान रेलवे लाइन पार क्षेत्र के संविदा कर्मियों ने काम छोड़कर हड़ताल शुरू कर दी। कर्मियों ने सोमवार सुबह निगम कार्यालय में प्रदर्शन किया और उन्होंने मुख्य गेट पर ताला जड़कर धरना शुरू किया। कर्मियों का कहना है कि निगम प्रशासन की ओर से उनकी सुनवाई नहीं की जा रही है। जब तक उन्हें वेतन नहीं मिलता, तब तक वह काम पर नहीं लौटेंगे।
जिला पार्षद संजय बड़वासनी ने संयुक्त आयुक्त से मिलकर संविदा कर्मियों को वेतन जारी करने की मांग की। उन्होंने कहा कि संविदा कर्मियों को वेतन न मिलने के कारण उनके परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। स्कूल में बच्चों की फीस तक जमा नहीं पा रहे हैं। दुकानदारों ने उधार में राशन देना बंद कर दिया है। प्रदर्शन की अध्यक्षता कर रहे नगर पालिका कर्मचारी संघ के इकाई प्रधान भारत कंडेरा ने कहा कि 27 अगस्त को सफाई का टेंडर खत्म हो गया था। इसके बावजूद निगम प्रशासन ने कोई टेंडर प्रक्रिया शुरू नहीं की। उनकी मांग है कि ठेका प्रथा बंद की जाए। संविदा कर्मियों को निगम में पे-रोल पर लिया जाए।
पांच वार्ड में नहीं हुई सफाई
करीब 350 सफाईकर्मियों के हड़ताल पर जाने से सोमवार को वार्ड नंबर 14 से 20 की काॅलोनियों में सफाई नहीं हुई। गलियों में गुजरने वाले लोगों को परेशानी हुई। संविदा कर्मी प्रवीन, रविंद्र, सुनील व अन्य कर्मियों का आरोप है कि सफाई का टेंडर खत्म होने के बाद उन्हें सूचना तक नहीं दी गई। 27 अगस्त को टेंडर खत्म होने के बावजूद निगम प्रशासन की तरफ से उनसे काम लिया गया। काम के बदले उन्हें वेतन जारी नहीं किया है।
सुबह 11 बजे जड़ा ताला, पुलिसकर्मियों के कहने पर दो घंटे बाद खोला
संविदा कर्मियों ने सोमवार सुबह 11 बजे निगम कार्यालय के गेट पर ताला जड़ा। मुख्य गेट से लोगों की आवाजाही बंद हो गई। लोगों को सुभाष चौक के रास्ते निगम पार्क से होते हुए निगम कार्यालय पहुंचना पड़ा। दोपहर 1 बजे सिविल लाइन थाना से पुलिसकर्मी धरनारत संविदा कर्मियों के पास पहुंचे और कानूनी कार्रवाई करने की बात कहकर संविदा कर्मियों से गेट खुलवाया।
ठेका बढ़ाने की अनुमति के लिए मुख्य सचिव को पत्र लिखा गया था। मुख्य सचिव के साथ होने वाली बैठक तीन बार स्थगित हो गई है। मुख्य सचिव से मंजूरी मिलने के बाद सफाई के लिए टेंडर बढ़ाया जाएगा या नया टेंडर आवंटित किया जाएगा।
- डॉ. नरेश कुमार, संयुक्त आयुक्त, नगर निगम।