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Sonipat News: जान को खतरा बताकर गैंगस्टर ने दी दूसरी जेल में स्थानांतरित करने की अर्जी, कोर्ट ने की खारिज

Sun, 30 Nov 2025 01:31 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
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सोनीपत। पानीपत जेल में बंद हत्या की कोशिश में दोषी मोनू ने जेल में अपनी सुरक्षा को खतरा बताया है। उसने अपर सत्र न्यायाधीश की कोर्ट में किसी दूसरी जेल में शिफ्ट करने की अर्जी दी है। इस पर संबंधित जेलों के अधीक्षकों से रिपोर्ट मंगवाने के बाद न्यायाधीश ने अर्जी खारिज कर दी है।
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मोनू के विरुद्ध गन्नौर थाना में एक अक्तूबर 2016 को हत्या की कोशिश की प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी, मुकदमे का ट्रायल पूरा होने के बाद कोर्ट ने उसे दोषी करार दिया। वर्तमान में वह पानीपत जेल में बंद है। अब उसने अपने अधिवक्ता के माध्यम से कोर्ट में अंबाला या कुरुक्षेत्र की जेल में शिफ्ट करने की अर्जी लगाई है।
मोनू के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि पानीपत कारागार में उसके विरोधी पक्ष के आरोपी भी जेल में बंद है। न्यायाधीश ने इस संबंध में रिपोर्ट मांगी तो जवाब में जिला कारागार अधीक्षक ने रिपोर्ट भेजी की मोनू एक गैंगस्टर है, इस जेल में पहले से ही 4-5 अन्य गैंगस्टर समूह बंद हैं और उनके बीच गैंगवार की संभावना हमेशा बनी रहती है।
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इस प्रकार के कैदियों को अलग रखने के लिए इस जेल में केवल एक सुरक्षा बैरक है। इस जेल की अधिकृत क्षमता 446 कैदियों की है जबकि वर्तमान में 930 कैदी इस जेल में बंद हैं, लिहाजा मोनू को यहां शिफ्ट करना उचित नहीं है।
उधर अंबाला केंद्रीय कारागार के अधीक्षक की रिपोर्ट के अनुसार यहां लॉरेंस बिश्नोई गिरोह के सदस्य, भूप्पी राणा गिरोह, वंकट गर्ग गिरोह, नंदू गिरोह (नफे सिंह राठी पूर्व विधायक हत्याकांड), मोहित जैसे गैंगस्टर बंद हैं। अंबाला केंद्रीय कारागार की अधिकृत क्षमता 1228 है वर्तमान में यहां 1815 बंदी व कैदी हैं।
लिहाजा मोनू को अंबाला केंद्रीय कारागार में स्थानांतरित न किया जाए। इस पर न्यायाधीश ने तथ्यों का मूल्यांकन करने एवं जेल अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर मोनू की जेल बदलने की याचिका को खारिज करने का आदेश दिया है।
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