खरखौदा। थाना कलां गांव के लिए बड़ी राहत की खबर आई है। खरखौदा कोर्ट ने वर्षों से चल रहे बिजली विवाद में ग्रामीणों के पक्ष में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए आदेश दिया है कि गांव को दोबारा वर्ष 2018 से पहले की तरह 22-24 घंटे शहरों के समान बिजली आपूर्ति दी जाए। एसडीजेएम विक्रांत के इस निर्णय के बाद गांव में खुशी की लहर दौड़ गई है।
विवाद की शुरुआत वर्ष 2017-18 में हुई थी, जब तत्कालीन सरपंच बलराम दहिया ने एक बिजली कर्मी को रिश्वत लेते पकड़ा था। ग्रामीणों का आरोप था कि इसी रंजिश के कारण बिजली निगम ने सप्लाई कम कर दी थी।
बलराम दहिया कोर्ट पहुंचे और दलील दी कि गांव ने वर्ष 2001 में 132 केवीए सब स्टेशन के लिए साढ़े 7 एकड़ जमीन सरकार को मुफ्त में दी थी, जिसके बदले शहर जैसा बिजली शेड्यूल देने का वादा हुआ था। निगम ने अदालत में लाइन लॉस और ‘म्हारा गांव जगमग गांव’ योजना का हवाला दिया, लेकिन कोर्ट ने इन तर्कों को खारिज करते हुए करार को सर्वोपरि माना। साथ ही बलराम दहिया पर लगे आरोप भी निराधार पाए गए। फैसले के बाद पूर्व सरपंच ने कहा कि यह ग्रामीणों की सामूहिक जीत है। गांव में अब जश्न जैसा माहौल है।