एचएसवीपी कार्यालय में धरने पर कर्मचारियों को संबोधित करते बिजेंद्र चहल
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हुडा जनस्वास्थ्य कर्मचारी यूनियन की ओर से सोमवार को मांगें मनवाने के लिए सेक्टर-15 स्थित एचएसवीपी कार्यालय में धरना शुरू किया गया। इससे पहले यूनियन के नोटिस देने पर एक्सईएन के साथ मीटिंग हुई, जहां एक्सईएन ने पूर्व ठेकेदारों को वर्ष 2010-13 के वर्करों की लिस्ट बनाकर 15 दिन में ईपीएफ के पैसे जमा कराने के नोटिस जारी किए हैं। यदि 15 दिन तक ऐसा नहीं किया तो ठेकेदारों की एफआईआर दर्ज करा दी जाएगी। बाकी मांगों को एक सप्ताह में पूरा कराने का आश्वासन दिया। एक्सईएन के आश्वासन से असंतुष्ट यूनियन के प्रतिनिधियों ने कर्मचारियों संग एचएसवीपी कार्यालय के गेट पर एक सप्ताह के लिए धरना शुरू कर दिया। साथ ही 25 फरवरी से एचएसवीपी के प्रशासक कार्यालय रोहतक में धरना शुरू करने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया।
एटक के राज्य उपाध्यक्ष कामरेड ईश्वर राठी ने कहा कि सरकार पूंजीपतियों के हित में सरकारी विभागों का निजीकरण करके कर्मचारियों व जनता के हितों पर कुठाराघात कर रही है। जिसके तहत एचएसवीपी कार्यालय में 10-12 साल से लगे वर्करों को 1 मार्च से हटाने जा रही है। पीडब्ल्यूडी मेकेनिकल वर्कर यूनियन के जिला प्रधान विष्णु दत्त भारद्वाज, विनोद शर्मा, सतीश कुमार, मोहन कुमार ने कहा कि अगर एचएसवीपी के वर्करों को हटाया गया तो सभी यूनियनें आंदोलन करने को मजबूर हो जाएगी। इस दौरान मुकेश कुमार, जितेंद्र सिंह, राकेश चावरिया, जोगेंद्र, विनोद, ओमप्रकाश, पुष्पेंद्र शर्मा, बिजेंद चहलन, रामनरेश शर्मा, समे सिंह, समेश कुमार, ध्रुव कुमार, सतीश शर्मा, महावीर नागर, अरुण, अशोक, राहुल, शमशेर आदि मौजूद रहे।