संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। छोटी दीपावली पर बुधवार को शहर रोशन हो उठा। लोगों ने अपने घरों को रंगबिरंगी झालरों से सजाया था। मंदिर भी सजाए गए थे। शाम होते ही झालरों की रंगबिरंगी रोशनी से शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र तक नहा उठेे।
कार्तिक माह की अमावस्या तिथि पको ही भगवान श्रीराम चौदह वर्ष का वनवास पूरा कर अयोध्या लौटे थे। उनके आने की खुशी में अयोध्यावासियों ने घी के दीपक जलाए थे और अमावस्या की काली रात रोशनी हो उठी थी। इसके बाद दीपावली मनाई जाने लगी। बुधवार को छोटी दिवाली से दीपोत्सव की शुरुआत हो गई। छोटी दीपावली पर पांडव नगरी चारों ओर जगमग लाइटों की रोशन नजर आई। शहर में प्रमुख बाजारों के साथ दुकानों व घरों को भी रंग-बिरंगी लाइटों व लड़ियों से सजाया गया है। दीपोत्सव को लेकर शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोग मां लक्ष्मी-गणेश की पूजा-अर्चना के साथ उनके स्वागत के लिए तैयार है।
कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि 29 अक्तूबर को सुबह 10:31 बजे से 30 अक्तूबर दोपहर 1:15 बजे तक रही। बुधवार को रूप चौदस एवं छोटी दिवाली का पर्व मनाया गया। दीपोत्सव की पूर्व संध्या पर शहर सहित राई, गोहाना, गन्नौर, खरखौदा क्षेत्र भी जगमगाती रोशनी से सराबोर रहे। लोग अपने-अपने घरों को सजाने, संवारने में जुटे रहे। शहर के बाजार व घर रंग-बिरंगी झालरों व लाइटों से जगमग दिखाई दिए। शहर की अधिकांश इमारत रोशनी से डूबी नजर आईं। दिवाली पर्व को लेकर सुबह से शाम तक बाजार में ग्राहकों की भीड़ नजर आई।
दोपहर तक धनतेरस की खरीदारी
बाजार में दोपहर तक कई लोगों ने धनतेरस को लेकर खरीदारी की। बाजार में चहल-पहल का माहौल रहा। शहर के प्रमुख बाजारों में खरीदारी के लिए लोगों की जमकर भीड़ उमड़ी। लोगों ने शुभ मुहूर्त में आभूषण, बर्तनों के साथ वाहनों की खरीदारी भी की। साथ ही लोगों ने दीपोत्सव को लेकर भी पूजा-पाठ के साथ मिठाई व उपहारों सहित जरूरत संबंधी खरीदारी की। दुकानदार दिनभर ग्राहकों की भीड़ में व्यस्त नजर आए।