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स्वच्छ भारत अभियान में 108 रैंकिंग की उछाल, शहर की सड़कों पर नहीं सुधरे हालात

Fri, 05 May 2017 12:21 AM IST
ब्यूरो अमर उजाला सोनीपत
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पुरखास रोड पर फैली पड़ी गंदगी के बीच घूमते लावारिस पशु - फोटो : amarujala beuro
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स्वच्छ भारत अभियान में भले ही सोनीपत की रैंकिंग में 108 का उछाल आया हो, लेकिन शहर की सड़कों पर गंदगी के हालात में आज भी सुधार नहीं हुआ है। शहर की रैंकिंग में उछाल आने पर शहरी स्थानीय निकाय मंत्री से लेकर नगर निगम के अधिकारियों तक भले ही इसे बड़ी उपलब्धि मान रहे हों, फिर भी सफाई व्यवस्था को अभी ज्यादा बेहतर करना होगा। वहीं, शहर की सफाई व्यवस्था को लावारिस पशु भी पलीता लगा रहे है, क्योंकि अधिकतर जगह सड़कों पर दिनभर लावारिस पशु घूमते रहते हैं और उनसे भी लोगों को निजात दिलाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है।
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443 शहरों की सूची जारी
स्वच्छ भारत अभियान के तहत 2017 की रैंकिंग जारी की गई है, जिसमें बताया गया है कि देश के 443 शहरों में कौन सा शहर कितना साफ सुथरा है। इस रैंकिंग सूची में सोनीपत 2000 में से 904 अंक लेकर 243वें स्थान पर आया है, जबकि पिछले साल 351वीं रैंकिंग मिली थी। इस तरह सफाई व्यवस्था को लेकर रैंकिंग में 108 का उछाल जरूर आया है, लेकिन उसके बावजूद भी हालात सुधरे हुए नहीं दिख रहे है। शहर में पुरखास रोड, दिल्ली रोड, ओल्ड रोहतक रोड, ओल्ड डीसी रोड आदि जगहों पर गंदगी के अंबार लगे रहते है। सड़कों के किनारे पर सबसे ज्यादा गंदगी दिखाई देती है।
26 से 80 लाख हुआ सफाई का ठेका
इस बार नगर निगम की ओर से शहर की सफाई का ठेका 26 लाख से बढ़ाकर सीधा 80 लाख कर दिया गया, जो पिछले वर्ष के मुकाबले तीन गुणा से भी ज्यादा है। इस तरह सफाई व्यवस्था ज्यादा बेहतर होनी चाहिए थी क्योंकि नगर अधिकारियों का दावा है कि इस ठेके के तहत घर-घर जाकर गाड़ियों से कूड़ा उठाया जाता है और सड़कों पर कूड़ा नहीं फेंका जाता है। अधिकारियों का यह दावा पूरी तरह से हवाई दिख रहा है और सड़कों पर कूड़े के ढेर लगे रहते हैं।
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रैंकिंग में तेजी से बढ़ेगा सोनीपत: कविता जैन
शहरी स्थानीय निकाय मंत्री कविता जैन ने कहा है कि सोनीपत को स्वच्छ शहरों में बेहतर रैंक दिलाने के लिए सरकार, प्रशासन व आमजन को मिलकर काम करना होगा। पिछले साल के मुकाबले इस बार रैंकिंग में 108 अंकों का सुधार हुआ है। इस बार भी कार्य योजना के तहत काम किया जाएगा, जिससे इस सूची में तेजी से आगे बढ़ सकें। शहर को स्वच्छ बनाने के लिए ही ठोस कचरा निस्तारण प्लांट मुरथल में स्थापित किया जा रहा है। इसके लिए ठोस कचरा से बिजली बनाने के लिए ठेकेदार एजेंसी का चयन भी हो गया है। इससे शहर को स्वच्छ रखने में काफी फायदा मिलेगा तो बिजली व खाद भी बनेगी।
पशु हैं बड़ी परेशानी
शहर में जगह-जगह पर गंदगी रहती है और सफाई व्यवस्था बिगड़ी हुई है। वहीं, लावारिस पशुओं के कारण भी बड़ी परेशानी झेलनी पड़ती है, क्योंकि सड़कों पर लावारिस पशुओं की भरमार है और उनको पकड़ा नहीं जा रहा है।
-राजबीर, मसद मोहल्ला
कर्मचारी नहीं करते सफाई
सड़कों पर गंदगी रहती है और निगम के कर्मचारी पूरी तरह से सफाई नहीं करते हैं। शहर को स्वच्छ बनाने के लिए व्यवस्था को बेहतर करना होगा और इसके लिए आम लोगों को भी सहयोग करना होगा।
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-सुरेंद्र मदान, सेक्टर 14
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