संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। प्रदेश सरकार ने न्यूनतम वेतन को लेकर अपने वादे से पीछे हटते का आरोप लगाकर सीटू की राज्य कमेटी के आह्वान पर सोमवार को जिले में विभिन्न यूनियनों के पदाधिकारियों ने डीसी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से सीएम और श्रम मंत्री को ज्ञापन भेजा।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार न्यूनतम वेतन को लेकर अपने वादे से पीछे हटती हुई 11 अप्रैल 2026 को मात्र 15,200 रुपये घोषित कर दिए जबकि 29 दिसंबर 2025 को पानीपत में हुई बैठक में 23,196 रुपये न्यूनतम वेतन पर सहमति बनी थी।
यूनियन नेताओं ने 30 हजार रुपये न्यूनतम वेतन लागू करने की मांग की। उन्होंने गुरुग्राम, मानेसर व अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में शांतिपूर्ण आंदोलनों पर पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए कहा कि मानेसर में 53 मजदूरों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
महिलाओं ने फैक्टरियों में बदसलूकी, 12 घंटे काम, मूलभूत सुविधाओं की कमी जैसी समस्याएं भी उठाईं। सीटू नेताओं ने धारा 163 हटाने, गिरफ्तार मजदूरों की रिहाई, घायलों का इलाज, ओवरटाइम का दोगुना वेतन, एलपीजी गैस पर राहत और औद्योगिक हादसों में मृतकों के परिजनों को 50 लाख व घायलों को 10 लाख मुआवजा देने की मांग की। इस दौरान जिला प्रधान अनीता, सचिव सुनीता सहित कई कर्मचारी नेताओं ने संबोधित किया।