गोहाना। देश के पहले हाइड्रोजन ट्रेन की पहली सफर में यात्रा करने को लेकर बच्चे उत्साहित हैं। वे इस पल का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इनमें भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय, खानपुर कलां की 200 छात्राएं भी शामिल हैं। इंजीनियरिंग की इन छात्राओं को हाइड्रोजन तकनीक आधारित ट्रेन के बारे में जानने और समझने का भी यह बेहतर मौका होगा। ट्रेन के पहले दिन केवल विद्यार्थियों को ही यात्रा कराई जाएगी। इसके लिए विभिन्न संस्थानों के विद्यार्थियों का चयन किया गया है।
बीपीएस महिला विश्वविद्यालय के इंजीनियरिंग कॉलेज की छात्राएं गोहाना रेलवे जंक्शन से मोहाना तक यात्रा करेंगी। यह यात्रा उन्हें हाइड्रोजन ट्रेन की डिजाइन, तकनीक और कार्यप्रणाली समझने में मदद करेगी। छात्राओं का कहना है कि यह उनके लिए एक खास अनुभव होगा। वे इसे अपने छात्र जीवन की यादगार उपलब्धि मान रही हैं।
क्या बोली छात्राएं
देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन में सफर करने का अवसर मिलना मेरे लिए सपना सच होने जैसा है। जब संस्थान से इस यात्रा की जानकारी मिली तो ट्रेन को करीब से देखने और उसमें सफर करने की उत्सुकता कई गुना बढ़ गई। इस यादगार अनुभव का बेसब्री से इंतजार है।
- नेहा, छात्रा
मैं इंजीनियरिंग की छात्रा हूं। हाइड्रोजन ट्रेन आधुनिक इंजीनियरिंग का बेहतरीन उदाहरण है। इस यात्रा के दौरान इसकी तकनीक को करीब से देखने और समझने का अवसर मिलेगा। ट्रेन की कार्यप्रणाली को लेकर मन में कई सवाल हैं जिनके जवाब इस सफर के दौरान मिलने की उम्मीद है।
- कीर्ति, छात्रा
देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन में यात्रा करना जीवनभर याद रहने वाला अनुभव होगा। इंजीनियरिंग के विद्यार्थियों को सबसे पहले इसमें सफर करने का अवसर देना सराहनीय पहल है। इस यात्रा के दौरान ट्रेन की तकनीक और संचालन के बारे में बहुत कुछ जानने का मौका मिलेगा। जब मैंने यह खबर अपने परिवार को दी तो वे भी बेहद खुश हुए।
- स्वाति, छात्रा