हरियाणा के सोनीपत में गांव रामगढ़ में एफसीआई के गोदाम में खेल रहे नौ साल के बच्चे की गेहूं की बोरियों के नीचे दबने से मौत हो गई। जबकि उसका चचेरा भाई घायल हो गया। खेलते समय चट्टे से बोरियां उन पर गिर गई थीं। एक बच्चे के चिल्लाने की आवाज सुनकर दो सुरक्षाकर्मी मौके पर पहुंचे और बोरियां हटाकर दोनों बच्चों को बाहर निकाला। मृतक के पिता ने गोदाम के सुरक्षाकर्मी व अन्य पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
गांव रामगढ़ के राजू ने पुलिस को बताया कि वह 15 जुलाई को मजदूरी करने गया था और उसकी पत्नी किसी काम से घर से बाहर गई थी। उसका बेटा रोहित (12) और मंजीत (9) घर पर दादी के पास खेल रहे थे। इसी दौरान उसका भतीजा कुनाल (9) उनके घर आया।
मंजीत और कुनाल खेलते हुए इसी गांव के नजदीक एफसीआई के गोदाम में पहुंच गए। अज्ञात कारणों से चट्टे में लगीं गेहूं की बोरियां गिर गईं। मंजीत उनके नीचे दब गया। बोरियां कुनाल पर भी गिरीं मगर उसका मुंह बाहर रह गया। कुनाल के चिल्लाने की आवाज सुनकर दो सुरक्षाकर्मी मौके पर पहुंचे और बोरियां को हटाकर पहले कुनाल को निकाला। कुनाल ने बताया कि उसका भाई मंजीत बोरियों के नीचे दबा है।
इसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने बोरियों को हटा कर मंजीत को निकाला। मंजीत को बीपीएस राजकीय महिला मेडिकल कॉलेज के अस्पताल ले गए। वहां पर चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। राजू ने आरोप लगाया कि यह हादसा सुरक्षाकर्मी की लापरवाही से हुआ।
इस पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया। मंजीत चौथी कक्षा में पढ़ता था। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अधिकारी गोदाम के सुरक्षा गार्डों से निगरानी के अलावा दूसरे काम भी करवाते हैं। जिस समय बच्चे गोदाम में गए गेट पर सुरक्षाकर्मी नहीं था।