झज्जर। बाढ़सा एम्स में कैंसर का उपचार करा रहे मरीजों के लिए राहत की खबर है। बाढ़सा एम्स ने नागरिक अस्पताल को कीमोथेरेपी के लिए मंजूरी दे दी है। शुरुआत में यहां पर ब्रेस्ट, ओरल और सर्वाइकल कैंसर के लिए ही कीमोथेरेपी दी जा सकेगी। यह सफल होने के बाद इसका और विस्तार भी संभव है। यहां पर कीमोथेरेपी केवल उन्हीं कैंसर मरीजों को दी जाएगी जिन्हें बाढ़सा एम्स से यहां भेजा जाएगा।
प्रदेश के कई जिलों से लोग कैंसर का उपचार कराने के लिए बाढ़सा स्थित एम्स में आते हैं। कैंसर के उपचार के लिए कीमोथेरेपी की जाती है। निजी अस्पतालों में यह काफी महंगी होती है। एम्स में मरीज ज्यादा होने के कारण कीमो कराने के लिए काफी इंतजार करना पड़ता है। इससे मरीजों को तो परेशानी होती ही है साथ ही एम्स पर भी भारी दबाव रहता है।
एम्स पर कम होगा मरीजों का दबाव
झज्जर नागरिक अस्पताल में कीमोथेरेपी शुरू होने के बाद एम्स पर मरीजों का दबाव कम होगा। वहीं मरीजों की भी परेशानी कम हो जाएगी। उनको बाढ़सा तक दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी और कीमोथेरेपी के लिए धक्के नहीं खाने पड़ेंगे। यहां पर सीमित मरीजों को ही कीमोथेरेपी के लिए भेजा जाएगा, जिसके कारण मरीजों को भी ज्यादा परेशानी नहीं होगी।
केवल शुरुआती स्टेज की हो सकेगी कीमो
नागरिक अस्पताल में केवल उन्हीं मरीजों की कीमोथेरेपी हो सकेगी, जिनको शुरुआती स्टेज का कैंसर है। उन मरीजों की भी पहली बार कीमोथेरेपी बाढ़सा एम्स में की जाएगी। उसके बाद उसकी दवा की डोज और अन्य जानकारी के साथ उनको कीमोथेरेपी के लिए नागरिक अस्पताल भेजा जा सकेगा। गंभीर मरीजों की कीमोथेरेपी यहां नहीं हो सकेगी।
कैंसर स्क्रीनिंग ओपीडी भी हो रही तैयार
नागरिक अस्पताल में कैंसर स्क्रीनिंग ओपीडी भी तैयार की जा रही है। अस्पताल में आने वाले मरीजों में से अगर किसी में कैंसर के लक्षण पाए जाते हैं तो उसे कैंसर स्क्रीनिंग ओपीडी में भेजा जाएगा। वहां मौजूद टीम मरीज की जांच करेगी। अगर टीम को कैंसर होने का अंदेशा होता है तो उसे बाढ़सा एम्स रेफर कर दिया जाएगा। यहां से रेफर होने के बाद बाढ़सा एम्स में उसकी जांच आसानी से हो जाएगी।
वर्जन
नागरिक अस्पताल में कैंसर मरीजों के लिए सुविधाएं लगातार बढ़ रही हैं। तीन तरह के कैंसर के लिए कीमोथेरेपी की मंजूरी मिल गई है। बाढ़सा एम्स की तरफ से भेजे जाने वाले मरीजों की यहां कीमोथेरेपी हो सकेगी।
डॉ. अचल त्रिपाठी,