फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सस्ता और भ्रष्टाचार मुक्त होना चाहिए इंसाफ: जस्टिस ठाकुर

Sun, 24 Aug 2014 12:00 AM IST
Sonipat
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
 समाज में बढ़ रही घटनाओं का आखिरी हल अदालत में ही होता है, इसलिए इंसाफ का तिरंगा हमेशा बुलंद रहना चाहिए। अगर खूबसूरत भवन से इंसाफ बिकेगा तो इसमें भवन का कोई कसूर नहीं है।
अगर इंसाफ करने में देरी हुई तो उसके लिए हुकूमत जिम्मेदार नहीं होगी। इंसाफ नेक, सस्ता और जल्दी होना चाहिए तथा उसमें किसी भी प्रकार का पोल्यूशन नहीं होना चाहिए। जो काम पैसा नहीं कर सकता, वह काम दुआ कर देती है। कई प्रदेशों में इस कदर हालात हैं कि जज पेड़ों के नीचे मेज-कुर्सी लगाकर फैसले सुनाते हैं।
विज्ञापन

 कम से कम हरियाणा में अदालतों में और वकीलों के लिए एसी चैंबर है। यह कहना है सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस टीएस ठाकुर का है। वह सोनीपत मार्ग पर 7.65 करोड़ रुपए से तैयार न्यायिक परिसर का उद्घाटन कर रहे थे। इस दौरान विशिष्ट अतिथि के रूप में समारोह में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के कार्यवाहक चीफ जस्टिस आशुतोष मोहंता और हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुडडा ने शिरकत की। सीएम ने लाइब्रेरी के लिए 21 लाख रुपए देने की घोषणा की।
वकील दिलाएं गरीबों को सस्ता न्याय: भूपेंद्र हुड्डा
मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा कहा कि अदालत में बैठे वकील गरीबों से कम फीस लें। उन्होंने वकीलों को उलाहना भी दिया कि उनकी सलाह पर अमल कम ही होता है। न्यायिक व्यवस्था लोकतंत्र का मजबूत स्तंभ है और इस पर लोगों का विश्वास होना अति आवश्यक है। इसे बनाए रखना एक बड़ी जिम्मेदारी है। अगर इससे विश्वास उठ गया तो प्रजातंत्र का वजूद खत्म हो जाएगा। आज अदालतों पर काम का बोझ बढ़ता जा रहा है, ऐसे में उन्हें अच्छी बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराना अति आवश्यक है। जब देश का संविधान बना तो आम और गरीब आदमी को भी न्याय का अधिकार भी दिया गया था ऐसे में यह अदालतों की जिम्मेदारी है कि लोगों की जल्द और सस्ता न्याय मिले।
न्यायिक ढांचे में सुधार के लिए 500 करोड़ रुपए मिले : मोहंता
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के कार्यवाहक चीफ जस्टिस आशुतोष मोहंता ने कहा कि प्रदेश सरकार प्रदेश में न्यायिक ढांचे में सुधार के लिए 500 करोड़ रुपये उपलब्ध करा चुकी है। प्रदेश में 49 न्यायिक परिसर हैं। इनमें से 21 जिला और 28 उपमंडल स्तर के हैं। अब बुनियादी सुविधाओं का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, अब जरूरत है सभी को इंसाफ देने की। हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस एसके मित्तल ने कहा कि इंसाफ के इन मंदिरों में इंसाफ की जिम्मेदारी अब वकीलों और जजों की है। न्याय में नैतिकता की जरूरत है और झूठ के लिए कोई स्थान नहीं। ऐसे में अगर हम झूठ का सहारा लेेंगे तो सुविधाओं की कोई जरूरत नहीं। उन्होंने कहा कि आज जिलों के साथ-साथ गांव-गांव में भी लीगल एड क्लीनिक खोले गए हैं।
विज्ञापन

ये रहे मौजूद
इस अवसर पर पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायाधीश एवं पंजाब विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यकारी अध्यक्ष जस्टिस एस.एस. सरो, पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायाधीश एवं सोनीपत के प्रशासनिक न्यायाधीश राजन गुप्ता, जिला एवं सत्र न्यायाधीश इंद्रजीत मेहता, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव हर्षाली चौधरी, डीसी समीर पाल सरो, एसपी अरूण कुमार, सोनीपत बार एसोसिएशन के प्रधान एडवोकेट भगत सिंह, गोहाना बार एसोसिएशन के अध्यक्ष  रामलाल सिंगला सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें