फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बदला मौसम : दिनभर छाए रहे बादल, रुक-रुक कर होती रही बूंदाबांदी

Wed, 05 Feb 2025 02:28 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
विज्ञापन
फोटो 32: सोनीपत के रेलवे रोड पर बूंदाबांदी के बीच गुजरते वाहन चालक। संवाद
विज्ञापन
सोनीपत। दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मंगलवार को मौसम बदला नजर आया। आसमान पर दिन भर बादल छाए रहे और कुछ क्षेत्रों में रुक-रुक कर बूंदाबांदी होती रही। मौसम में आए परिवर्तन से जिले के तापमान में भी गिरावट आई है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम में बदलाव हुआ है। हवा की गति गति धीमी होने से कोहरा फिर परेशान करेगा। सप्ताह के अंत तक ठंड बनी रहेगी। जिले में सुबह से ही आसमान काले बादलों से घिरा रहा। रुक-रुककर बूंदाबांदी होती रही। दिन में कुछ देर के लिए धूप निकली, उसके बाद सूर्य देव फिर बादलों में ओझल हो गए। दिनभर रुक-रुक कर हुई बूंदाबांदी से तापमान में गिरावट आई है। मंगलवार को जिले का अधिकतम तापमान 21.2 डिग्री व न्यूनतम तापमान 8.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। एक दिन पहले जिले का अधिकतम तापमान 21.3 डिग्री और न्यूनतम तापमान 8.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। दिन भर चार किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा चलती रही।
विज्ञापन

करना होगा शीतलहर का सामना, कोहरा भी करेगा परेशान
जिले में हुई बूंदाबांदी से वातावरण में नमी की मात्रा बढ़ गई हैं। मौसम विशेषज्ञ का कहना है कि जैसे ही पश्चिमी विक्षोभ आगे बढ़ेगा, कोहरा फिर दस्तक देगा। ऐसे में बुधवार को हल्का कोहरा छा सकता है। एक बार फिर उत्तरी हवाएं मैदानी क्षेत्रों में ठंड बढ़ाएंगी। 15 फरवरी को एक और पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के आसार बन रहे हैं। इससे मौसम का मिजाज फिर बदल सकता है।
बूंदाबांदी से फसलों को होगा फायदा
कृषि विशेषज्ञ का कहना है कि बूंदाबांदी से रबी सीजन की फसलों को काफी फायदा पहुंचेगा। मौसम में ठंड बरकरार रहने से गेहूं की बेहतर ग्रोथ हो सकेगी। बारिश होती है तो किसानों को सिंचाई करने से भी छुटकारा मिलेगा।
विज्ञापन



दिल्ली-एनसीआर में एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से कुछ क्षेत्रों में बूंदाबांदी हुई है। जिससे वातावरण में नमी की मात्रा बढ़ गई है। आगामी दिनों में लोगों को कोहरे का सामना करना पड़ सकता है।
विज्ञापन

- डॉ. प्रेमदीप, मौसम वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केंद्र, जगदीशपुर
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें