सोनीपत। जिले में 58 केंद्रों पर सीईटी हुआ। दूसरे दिन 91.48 प्रतिशत अभ्यर्थियों ने परीक्षा में भाग लिया। त्रिस्तरीय जांच के बाद ही अभ्यर्थियों को परीक्षा कक्ष में जाने दिया गया। सीसीटीवी के कंट्रोल रूम से सभी परीक्षा केंद्रों की निगरानी की गई। सख्ती के चलते दो दिन मेें 4877 अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी।
सीईटी के दूसरे दिन पहली पाली में 13401 व दूसरी पाली में 13431 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। सभी केंद्रों पर कड़ी निगरानी रखी गई, जिसकी वजह से कोई अभ्यर्थी परीक्षा केद्रों पर नकल की सामग्री ले जाने में सफल नहीं हुआ।
जिले में आयोजित सीईटी के दूसरे दिन पहली पाली में 91.88 फीसदी अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। 14 हजार 586 अभ्यर्थियों में से 13 हजार 401 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। 1185 अभ्यर्थी गैरहाजिर रहे। इसी प्रकार दूसरी पाली में 91.08 प्रतिशत अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। दूसरी पाली में 14586 अभ्यर्थियों में 13431 ने परीक्षा दी। 1155 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। इस प्रकार दूसरे दिन कुल 91.48 प्रतिशत अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी।
उपायुक्त डॉ. सुशील सारवान एवं सभी एसडीएम दिनभर केंद्रों का निरीक्षण करते रहे। प्रशासन की ओर से अभ्यर्थियों को सुविधाजनक और शांत वातावरण उपलब्ध कराने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए। परीक्षा केंद्रों में बाहरी दखल रोकने के लिए व शहर की मुख्य सड़कों पर यातायात व्यवस्था संभालने के लिए पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की गई थी। सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी, मेटल डिटेक्टर, जैमर लगाए गए।
यातायात व्यवस्था भी रही दुरुस्त
हरियाणा सरकार की फ्री बस यात्रा सुविधा के तहत अभ्यर्थियों को जिले के भीतर और बाहर से परीक्षा केंद्रों तक लाने और वापस ले जाने का बेहतरीन प्रबंध किया गया। मुरथल यूनिवर्सिटी में अस्थायी बस पार्किंग डिपो बनाया गया। चालक प्रशिक्षण केंद्र मुरथल से 142 शटल बसों को चलाया गया। जिले के अभ्यर्थियों के लिए कुरुक्षेत्र और गुरुग्राम में परीक्षा केंद्रों पर दो दिन में 400 बसें चलाई गईं।
हेल्पलाइन और कंट्रोल रूम रहे सक्रिय
जिला प्रशासन के जारी किए गए हेल्पलाइन नंबरों पर सैकड़ों परीक्षार्थियों ने सहयोग प्राप्त किया। किसी भी समस्या के लिए कंट्रोल रूम नंबर 0130-22215910 पर निरंतर संवाद जारी रहा।
जिला उपायुक्त डॉ. सुशील सारवान ने परीक्षा के सफल संपन्न होने पर प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस कर्मियों, सामाजिक संगठनों और परिवहन विभाग की टीम का धन्यवाद देते हुए कहा कि जिला प्रशासन ने सरकार की नीतियों को ज़मीन पर उतारने में कोई कसर नहीं छोड़ी है।