सोनीपत। मेडिकल स्टोर पर सीसीटीवी कैमरे लगवाए जाएं, ताकि कोई प्रतिबंधित दवा बेचता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सके। अधिकारी समय-समय पर मेडिकल स्टोर की जांच करें। अगर कहीं भी कोई बिना लाइसेंस के दवाई बेच रहा है तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई करें। यह सख्त निर्देश हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने शुक्रवार को नेशनल नारकोटिक्स को-ऑर्डिनेशन (एनकोर्ड) बैठक की अध्यक्षता करते हुए वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से उपायुक्त को दिए।
उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी प्रदेश को नशामुक्त बनाने के लिए हरसंभव कार्रवाई करें। उपायुक्त ने लोगों से आह्वान किया कि जिले को नशामुक्त बनाने के लिए हरवर्ग की सहभागिता जरूरी है, इसलिए अगर आपके आस-पास कोई व्यक्ति नशे में इस्तेमाल होने वाला सामान बेचता है या नशे के व्यापार में संलिप्त है तो उसकी सूचना टोल फ्री नंबर 8930305020 और एनसीबी नंबर 9050891508 पर दें। सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम गुप्त रखा जाएगा।
उपायुक्त ने कहा कि नशे की दवाओं पर रोक को लेकर प्रशासन की पैनी नजर है। हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो साथी एप का संचालन कर रहा है। इस एप में मेडिसिन की एंट्री किए बिना केमिस्ट कोई भी मेडिसिन नहीं रख सकता। यही कारण है कि साथी एप नशे से संबंधित दवाओं पर रोक लगाने में काफी मददगार साबित हो रहा है। साथ ही सिंथेटिक नशे के चलन पर रोक लगाने के लिए सरकार और प्रशासन पूरी तरह सजग है। सरकार और प्रशासन की एडिक्ट बनाने वाली दवाओं पर भी नजर रख रही है।
उन्होंने कहा कि साइकोट्रोपिक दवाओं की खुदरा, थोक और स्टॉकिंग के लिए प्रत्येक लाइसेंसधारक को साथी एप पर एंट्री करनी होगी। एंट्री के बगैर कोई भी दवा रखने पर ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक एक्ट के तहत प्रशासन सख्त कार्रवाई करेगा। इस मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा भी दर्ज होगा। इस एप से भविष्य में भी एडिक्ट दवाओं की बिक्री पर रोक लगाने में काफी मदद मिलेगी। ड्रग कंट्रोल एक्ट का पालन सुनिश्चित किया जाए।
उपायुक्त ने निर्देश दिए कि शिक्षण संस्थानों में नशे के खिलाफ बच्चों को जागरूक करने के लिए कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। नशा छुड़ाने के नाम पर खोले गए नशा मुक्ति केंद्रों की नियमित जांच करना सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि नशे की प्रवृति को समाज से खत्म करने के लिए सरकार कई योजनाएं चला रही है। इस दौरान जेल अधीक्षक राजेंद्र सिंह, पुलिस उपायुक्त मनवीर सिंह, नरेंद्र सिंह कादियान, जिला अटॉर्नी सुनील खत्री व अन्य सभी संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।