गन्नौर। अगवानपुर गांव में पंचायती खाद गड्ढे से प्राप्त राशि के गबन करने के आरोप में थाना गन्नौर पुलिस ने गांव के तत्कालीन सरपंच बलराज के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी की शिकायत पर कार्रवाई की गई है।
शिकायत पत्र में अगवानपुर गांव के तत्कालीन सरपंच बलराज पर खाद गड्ढे बेच कर पैसों का गबन करने का आरोप लगाया गया था। उपायुक्त के आदेश पर इसकी एसडीएम ने की। जांच रिपोर्ट के अनुसार तत्कालीन सरपंच बलराज ने खाद गड्ढाें से प्राप्त 3.16 करोड़ रुपये नियमानुसार खर्च नहीं किए। उन्होंने 10 जुलाई 2018 से 26 मार्च 2019 तक सारा पैसा अपने पास रखा जिससे ग्राम पंचायत को वित्तीय हानि हुई। आरोप है कि तत्कालीन सरपंच बलराज ने राशि का गबन किया था। पुलिस ने शिकायत पर आरोपी बलराज के खिलाफ धारा 420 व 409 के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जांच रिपोर्ट मिलने पर उपायुक्त ने खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी को तत्कालीन सरपंच बलराज के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाने व हरियाणा पंचायती राज एक्ट के तहत 3 करोड़ 16 लाख रुपये की राशि एक माह के अंदर वसूली करने के आदेश दिए थे। खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी ने थाना गन्नौर में शिकायत देकर तत्कालीन सरपंच बलराज के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया है।
पहले भी हो चुकी है गिरफ्तारी
पंचायती खाद गड्ढे से प्राप्त राशि के गबन की जांच से बचने के लिए तत्कालीन सरपंच ने पंचायती रिकाॅर्ड को टेहा के पास तालाब में फेंक दिया था। इसके बाद बलराज ने 14 दिसंबर, 2020 को ग्राम पंचायत का रिकाॅर्ड चोरी दिखा कर झूठा मुकदमा दर्ज करवाया था। पुलिस जांच में सामने आया कि सरपंच के खिलाफ गबन मामले में चल रही जांच से बचने के लिए खुद पंचायत के रिकाॅर्ड को तालाब में फेंक दिया था। इस मामले में समाज कल्याण पंचायत अधिकारी की शिकायत पर बड़ी थाना पुलिस ने सरंपच के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। वहीं पंचायती रिकॉर्ड नष्ट करने के आरोपी बलराज को उपायुक्त ने सरपंच पद से निलंबित भी कर दिया था।