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अपराधियों के हौसले बुलंद: पुलिसवाले को बेची चोरी की कार, असली मालिक को मिला टैक्स कटने का मैसेज तो हुआ खुलासा

Mon, 21 Aug 2023 12:23 PM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)

सार

झज्जर के गांव दुल्हेड़ा निवासी परीक्षित ने मुरथल थाना पुलिस को बताया कि वह हरियाणा पुलिस में सिपाही के पद पर कार्यरत हैं। उनकी नियुक्ति झज्जर में हैं। मंगतराम ने उन्हें प्रवीन से यूपी नंबर की एक कार 9.20 लाख रुपये में दिलवाई थी। उन्हें नहीं बताया गया कि कार चोरी की है और उसकी नंबर प्लेट व चेसिस नंबर बदले गए हैं। 
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मुरथल पुलिस स्टेशन। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
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विस्तार
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झज्जर के सिपाही को चोरी की कार बेचने का मामला सामने आया है। जब सिपाही कार लेकर मुरथल टोल प्लाजा से निकले तो उत्तर प्रदेश के नोएडा स्थित असल नंबर की कार मालिक को मैसेज मिला तो उन्होंने मुरथल थाना पुलिस को अवगत कराया। जिसके बाद मुरथल पुलिस ने सिपाही को रोककर कागजात मांगे तो कार के चोरी के होने का पता लगा। सिपाही ने मामले की शिकायत मुरथल थाना में देकर दो लोगों पर चोरी की कार बेचने का आरोप लगाया है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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झज्जर के गांव दुल्हेड़ा निवासी परीक्षित ने मुरथल थाना पुलिस को बताया कि वह हरियाणा पुलिस में सिपाही के पद पर कार्यरत हैं। उनकी नियुक्ति झज्जर में हैं। उन्होंने बताया कि उनके गांव के ही राजबीर गाड़ियों की सेल-परचेज का काम करता है। राजबीर के पास फतेहाबाद के गांव अकावली निवासी मंगतराम का आना जाना था। जिसके चलते उनकी भी मंगतराम से दोस्ती हो गई। उन्होंने मंगतराम को एक कार दिलाने को कहा था। जिस पर मंगतराम ने अपने दोस्त रेवाड़ी के गांव गुडियानी निवासी प्रवीन से कार दिलाने की बात कही थी। 
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मांगने पर भी नहीं दी थी आरसी
मंगतराम ने उन्हें प्रवीन से यूपी नंबर की एक कार 9.20 लाख रुपये में दिलवाई थी। उन्हें नहीं बताया गया कि कार चोरी की है और उसकी नंबर प्लेट व चेसिस नंबर बदले गए हैं। उन्होंने गाड़ी की आरसी उन्हें 15-20 दिन में देने की बात कही थी, लेकिन दी नहीं गई। जब वह कॉल करते थे तो 5-10 दिन में आरसी देने की बात कहते थे। उन्होंने बताया कि वह अपने दोस्त के पास पानीपत गए थे। वहां से लौटते समय उन्होंने मुरथल के भिगान टोल प्लाजा पर अपना पहचान पत्र दिखाकर कार को निकाला था। वह टोल पार कर आगे आकर एक ढाबे पर खाना खाने के लिए रुक गए। 
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इसी बीच एक पुलिस की गाड़ी आई और उनकी कार के बारे में पूछताछ करने लगी। तब उन्होंने बताया कि कार को पांच माह पहले खरीदा था। इसकी आरसी अभी नहीं मिली है। तब पुलिस ने बताया कि इस रजिस्ट्रेशन नंबर की कार उत्तर प्रदेश के नोएडा स्थित डॉ. कल्पना रानी के पास है। वह गाड़ी फिलहाल नोएडा में है। उन्होंने डॉ.कल्पना रानी का नंबर भी उन्हें उपलब्ध कराया। जब उन्होंने उनसे बात की तो पता लगा कि उनकी गाड़ी पर लगा नंबर उनकी कार का है। उनके पास अभी भिगान टोल से टैक्स कटने का मैसेज आया है। इस तरह के मैसेज पहले भी मिले है। जिसके बाद उन्होंने मुरथल पुलिस को सूचना दी थी। जिस पर वह गाड़ी को मुरथल थाना में छोड़कर अपनी ड्यूटी पर चले गए थे। उन्होंने अपने स्तर पर जांच कराई तो पता लगा कि मंगतराम व प्रवीन ने उन्हें चोरी की कार नंबर व चेसिस नंबर बदलकर बेच दी है। उनसे 9.20 लाख ऐंठ लिए हैं। जिस पर अब उन्होंने मुरथल थाना में आकर शिकायत दी। पुलिस ने मंगतराम और प्रवीन के खिलाफ धोखाधड़ी और अमानत में खयानत का मुकदमा दर्ज कर लिया है।
  
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