सोनीपत। शराब पीने की वजह से गांव तिहाड़ खुर्द में दो व्यक्तियों की मौत के बाद लोगों में आक्रोश पाया जा रहा है। सोमवार को चार गांव के लोगों ने पंचायत करने के बाद सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए मृतकों के आश्रितों को 50-50 लाख रुपये मुआवजा देने के साथ शराब ठेका हटाने की मांग की।
तिहाड़ खुर्द के रहने वाले ओमप्रकाश (69) और सत्येंद्र (42) शनिवार को घर से गए थे। शाम 4 बजे ग्रामीण जब पशुओं को पानी पिलाने के लिए बनाए गए तालाब की तरफ गए तो दोनों अचेत मिले। ग्रामीणों ने परिजन को मामले की जानकारी दी। परिजनों ने मौके पर पहुंचे जांच की तो वे मृत पड़े थे।
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मृतकों के पास शराब की बोतल पड़ी थी। इससे लग रहा था कि शराब पीने की वजह से दोनों की मौत हुई थी। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जहरीली शराब पीने से मौत की पुष्टि नहीं हो पाई है। अब विसरा रिपोर्ट में पता चल पाएगा की मौत की असली वजह क्या है।
मृतकों के परिजनों का आरोप है कि जहरीली शराब पीने की वजह से ही दोनों की मौत हुई है। आसपास के गांव के लोग भी इसको लेकर आक्रोशित हैं। सोमवार को घटना को लेकर चार गांवों के लोगों ने पंचायत करने के बाद सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।
बाघडू के सरपंच प्रवीण ने कहा कि यहां के शराब ठेके की शराब लेने से पिछले साल भी दो लोगों को मौत हो गई थी। दो लोगों की मौत इस साल भी हो गई है। इससे साफ है कि यहां अपमिश्रित शराब बेची जाती है। यहां से शराब का ठेका हटाना चाहिए।
तिहाड़ खुर्द के सरपंच प्रतिनिधि सुमेर सिंह ने कहा कि शराब ठेका हटवाने के लिए आरपार का आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि मृतकों के परिजन को 50-50 लाख रुपये मुआवजा दिया जाए।
प्रदर्शन में ताजपुर तिहाड़ खुर्द, तिहाड़ कलां, खेड़ी दहिया व बाघडू गांव के सरपंच, जिला पार्षद मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने शराब ठेकेदार के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज कराने की मांग की।