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Sonipat News: मतदान केंद्र से 200 मीटर दूर प्रत्याशी लगा सकेंगे स्टॉल, अधिकारियों से लिखित अनुमति जरूरी

Sat, 01 Mar 2025 03:00 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
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सोनीपत। जिलाधीश डॉ. मनोज कुमार ने निकाय चुनाव को लेकर 2 मार्च को होने वाला मतदान निष्पक्ष व शांतिपूर्ण पूरा करवाने के लिए मतदान केंद्रों पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 को लागू करने के आदेश जारी किए हैं। उन्होंने अपने आदेशों में कहा कि मतदान केंद्र से 200 मीटर की दूरी के भीतर किसी भी प्रत्याशी की ओर से स्टॉल लगाने पर पाबंदी रहेगी।
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जिलाधीश ने कहा कि मतदान केंद्र के बाहर उम्मीदवारों की ओर से बनाए गए स्टॉल पर केवल एक मेज व दो कुर्सियां उपलब्ध होनी चाहिए। इसके अलावा इन स्टॉलों पर टेंट नहीं लगाया जाएगा बल्कि मौसम की स्थिति को देखते हुए वहां पर एक छाता, तिरपाल या कपड़े के टुकड़े को रखने की अनुमति होगी। उन्होंने कहा कि मतदान केंद्र के बाहर जो भी उम्मीदवार अपना स्टॉल लगाता है तो उस मतदान केंद्र के नाम व क्रम संख्या के बारे में प्रत्याशी को लिखित सूचना संबंधित रिटर्निंग अधिकारी को देनी होगी। ऐसे स्टॉल लगाने से पहले उन्हें स्थानीय कानूनों के तहत निगमों, नगर पालिकाओं, जिला परिषदों, टाउन एरिया कमेटियों, पंचायत समितियों आदि जैसे अधिकारियों या स्थानीय अधिकारियों से लिखित अनुमति भी लेनी होगी। लिखित अनुमति स्टॉल चलाने वाले व्यक्ति के पास उपलब्ध होनी चाहिए, ताकि मांगे जाने पर उसे संबंधित पुलिस/चुनाव अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किया जा सके।

उन्होंने कहा कि स्टॉल का उपयोग केवल मतदाताओं को अनौपचारिक पहचान पर्चियां जारी करने के उद्देश्य से किया जाएगा। इन पर्चियों पर प्रत्याशी का नाम या उसका चुनाव चिह्न अंकित नहीं होना चाहिए। प्रत्येक स्टॉल पर प्रत्याशी, उसकी पार्टी और उसे आवंटित चुनाव चिह्न प्रदर्शित करने के लिए केवल 3 बाई 1.5 फीट का एक बैनर लगाने की अनुमति होगी। स्टॉल पर भीड़ एकत्र करने की अनुमति नहीं होगी। स्टॉल पर तैनात व्यक्ति मतदाताओं को मतदान केंद्रों में जाने के रास्ते में किसी भी तरह की बाधा नहीं डालेंगे या उन्हें अन्य प्रत्याशी के स्टॉल पर जाने से नहीं रोकेंगे।
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उन्होंने कहा कि स्टॉल पर काम करने के लिए नामित व्यक्ति उसी मतदान केंद्र क्षेत्र का मतदाता होना चाहिए। उसके पास मतदाता पहचान पत्र भी होना चाहिए और जब भी कोई सेक्टर मजिस्ट्रेट/पर्यवेक्षक जांच करने के लिए आएगा तो उसे अपना पहचान पत्र दिखाना होगा। राजनीतिक दलों/प्रत्याशियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे किसी भी आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति को ऐसे स्टॉल पर न बैठाएं।
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