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सोनीपत: खुबडू झाल से छोड़ा 300 क्यूसेक पानी, नहर ओवरफ्लो होने से पशुघाट की दीवार गिरी

Sun, 17 Jul 2022 12:29 AM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)

सार

दिल्ली ब्रांच नहर ओवरफ्लो होने के कारण बड़वासनी गांव में पानी घुस गया। लोगों ने प्रदर्शन किया। नहर का जलस्तर बढ़ने की सूचना मिलने के बाद मौके पर सिंचाई विभाग के अधिकारी टीम लेकर पहुंचे। नहर का 50 क्यूसेक पानी जुआं माइनर में छोड़ा। 
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दिल्ली ब्रांच नहर का जलस्तर बढने से बड़वासनी गांव में टूटी पशुघाट की दीवार के पास एकत्रित होकर प्रदर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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हरियाणा के सोनीपत में खुबडू झाल से शनिवार तड़के 3 बजे 300 क्यूसेक अतिरिक्त पानी छोड़ने से दिल्ली ब्रांच नहर का जलस्तर बढ़ गया। नहर ओवरफ्लो होने के कारण गांव बड़वासनी में पशुघाट की दीवार गिर गई और पानी बड़वासनी गांव की तरफ घुसने लगा। सूचना मिलने के बाद ग्रामीण नहर पर पहुंच गए और उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों के खिलाफ प्रदर्शन किया। जलस्तर बढ़ने की सूचना मिलते ही अधिकारी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जलस्तर कम करने के लिए सुबह 6 बजे नहर का 50 क्यूसेक पानी जुआं माइनर में छोड़ा गया। साथ ही जलस्तर कम होने पर बड़वासनी के पास एक फुट ऊंचे ब्रेकर का निर्माण शुरू कराया।  

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सिंचाई विभाग की ओर से खेतों में फसलों की सिंचाई के लिए दिल्ली तक 1350 क्यूसेक पानी की क्षमता वाली दिल्ली ब्रांच नहर का निर्माण कर रखा है, जिसमें रोजाना करीब 980 क्यूसेक पानी बहता रहता है। बारिश के दौरान नदियों में जलस्तर बढ़ा हुआ है। ऐसे में शनिवार तड़के तीन बजे खुबडू झाल से 300 क्यूसेक पानी दिल्ली ब्रांच नहर पर छोड़ दिया, जिससे दिल्ली ब्रांच नहर का जलस्तर बढ़ने के कारण नहर किनारे बसे गांवों के लोगों की परेशानी बढ़ गई।

जलस्तर बढ़ने के कारण बड़वासनी गांव के पास बना पशुघाट की दीवार भी गिर गई। नहर का पानी गांव की तरफ बढ़ने लगा। गांव में घुस रहे पानी को देखते हुए ग्रामीण नहर पर पहुंच गए और बढ़े हुए जलस्तर के कारण पशुघाट की दीवार गिरने से गुस्साएं ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने मामले की सूचना जिला प्रशासन को फोन पर दी। सूचना के बाद सिंचाई विभाग के अधिकारी नहर पर पहुंचे और जलस्तर कम करने के लिए नहर का 50 क्यूसेक पानी जुआं माइनर में छोड़ दिया। 
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बड़वासनी गांव की तरफ पानी जाने से रोकने के लिए नहर पर लगाए गए पत्थर व कट्टे।

बड़वासनी में पानी घुसने पर ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन
दिल्ली ब्रांच नहर में अचानक जलस्तर बढ़ने के कारण शनिवार सुबह पशुघाट की दीवार गिर गई। जिससे नहर का पानी बड़वासनी गांव की तरफ घुसने लगा। नहर से पानी आता देखकर ग्रामीणों में हड़कंप मच गया और ग्रामीण काफी संख्या में नहर पर पहुंचे। इस दौरान ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग के खिलाफ प्रदर्शन किया। पूर्व जिला पार्षद संजय बड़वासनी ने कहा कि कई वर्षों से दिल्ली ब्रांच नहर की सफाई तक नहीं कराई गई है।

कई जगह से नहर कच्ची होने के कारण किसी भी वक्त बड़ा हादसा हो सकता है। सिंचाई विभाग की ओर से कराई जानी वाली नहर की सफाई भी कागजों तक सीमित है। सफाई नहीं होने के कारण नहर ओवरफ्लो हो गई है। सिंचाई विभाग की अधिकारियों की लापरवाही किसी सूरत में बर्दाश्त नही की जाएगी। इस दौरान रामचंद्र, संदीप, प्रदीप, राजबीर, रोहताश, राजेश, कुलदीप समेेत अन्य ग्रामीण मौजूद रहे। 

जुआं माइनर पर 15 से ज्यादा गांवों के किसान निर्भर
गांव जुआं से गुजरने वाली माइनर से गांव जुआं के अलावा बादशाहपुर माछरी, भठगांव, जाजी, लोहारी टिब्बा सहित 15 से ज्यादा गांवों के किसान निर्भर है। महीने में 15 दिन चलने वाली यह माइनर इन गांवों के लिए खेतों की सिंचाई का एकमात्र साधन है। दिल्ली ब्रांच नहर का जलस्तर बढ़ने के कारण शनिवार सुबह छह बजे जुआं माइनर में 50 क्यूसेक पानी छोड़ दिया गया। माइनर में पानी छोड़े जाने से कई गांवों के धान उत्पादक किसानों को काफी राहत मिली। 

दिल्ली में बढ़ी मांग के चलते छोड़ा गया अतिरिक्त पानी 
सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि दिल्ली में बढ़ी पानी की मांग को पूरा करने के लिए दिल्ली ब्रांच नहर में 300 क्यूसेक अतिरिक्त पानी छोड़ गया था। बड़वासनी गांव में पशु घाट की दीवार गिरने से खतरे की स्थिति बढ़ गई। नहर का जलस्तर कम करने के लिए जुआं माइनर में 50 क्यूसेक पानी छोड़ना पड़ा। जलस्तर कम होने के  बाद पानी को बड़वासनी गांव में घुसने से रोकने के लिए एक फुट ऊंचे कंक्रीट के ब्रेकर का निर्माण शुरू करवाया। अधिकारियों का कहना है कि ब्रेकर का निर्माण होने से गांव की तरफ पानी नहीं जा सकेगा। 
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दिल्ली में बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए दिल्ली ब्रांच नहर में 300 क्यूसेक अतिरिक्त पानी छोड़ा गया। नहर ओवरफ्लो होने से गांव बड़वासनी के पशुघाट की दीवार गिर गई और गांव में लगा घुसने लगा था। जिससे जलस्तर कम करने के लिए जुआं माइनर में नहर का 50 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। नहर का पानी कम होने पर बड़वासनी के पास कंक्रीट के ब्रेकर का निर्माण शुरू करवाया है। जल्द ही मशीनों से नहर की सफाई करा दी जाएगी। -कैलाश चंद्र, उपमंडल अधिकारी, सिंचाई विभाग

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