गन्नौर (सोनीपत)। अवैध रूप से अमेरिका पहुंचा सोनीपत का विशाल भी डिपोर्ट होकर भारत भेज दिया गया है। विशाल ने भी अमेरिका में काम करने और डॉलर कमाने का ख्वाब देखा था, लेकिन अमेरिका की नई पॉलिसी ने परिवार और विशाल दोनों का ख्वाब चकनाचूर कर दिया।
गन्नौर के गांव दुभेटा निवासी अनिरुद्ध ने बताया वह पेशे से किसान हैं। उनका बेटा विशाल (25) एजेंट के जरिए 31 दिसंबर को अमेरिका के लिए निकला था। एजेंट विशाल को 31 दिसंबर को दिल्ली ले गया और तीन दिन वहीं रखा। विशाल के साथ तीन लड़के और थे। जांच में कागजात अधूरे मिलने पर 3 जनवरी को उन्हें दिल्ली एयरपोर्ट से वापस आना पड़ा। इसके बाद 4 जनवरी को वह इथोपिया पहुंचे। 10 दिन वहां रुककर जहाज से ग्वाटेमाला गए और 5 दिन वहां ठहरे। भाषा की दिक्कत होने से खाना भी नहीं मिला। खुद खाना बनाकर खाना पड़ा। 5 दिन ग्वाटेमाला ठहरने के बाद विशाल पनामा पहुंचा और वहां से हवाई यात्रा करते हुए 29 जनवरी को मैक्सिको पहुंचा। 26 दिन की यात्रा के बाद मैक्सिको पहुंचने पर शाम 5 बजे विशाल की अपने परिजनों से बातचीत हुई। इसके बाद विशाल से परिजनों का संपर्क नहीं हो सका।
एजेंट ने अपने नाम करवा ली जमीन
किसान अनिरुद्ध ने बताया विशाल का बड़ा भाई यूपी पुलिस में है। विशाल ने 12वीं पास करने के बाद आईटीआई से डिप्लोमा किया था। मारुति में अप्रेंटिस करने के बाद उसने एक निजी कंपनी में नौकरी भी की। घर की स्थिति ठीक करने के लिए विशाल अमेरिका गया था। इसके लिए एक एजेंट से संपर्क कर अमेरिका जाने के लिए 45 लाख रुपये में सौदा तय किया। एजेंट ने पैसों की एवज में जमीन अपने नाम लिखवा ली। इस कारण उन्हें अपनी जमीन भी बेचनी पड़ी। अब परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।