फोटो - देवीपुरा में रक्त का नमूना लेते हुए स्वास्थ्यकर्मी। स्रोत - प्रवक्ता
गोहाना। डेंगू और मलेरिया की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जागरूकता अभियान तेज कर दिया है। विभाग के कर्मचारी शहर के संवेदनशील क्षेत्रों में घर-घर जाकर जांच कर रहे हैं। इस दौरान मच्छर का लारवा मिलने पर 12 लोगों को नोटिस भी जारी किया गया है। कर्मचारी प्रतिदिन 15 से 20 बुखार से पीड़ित मरीजों के रक्त के नमूने भी जांच के लिए प्रयोगशाला में भेज रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने शहर की चार कॉलोनी को डेंगू और मलेरिया के लिए संवेदनशील घोषित किया है। स्वास्थ्य कर्मी इन क्षेत्रों में लोगों को जागरूक कर रहे हैं। वीरवार को स्वास्थ्य कर्मी राज सिंह के नेतृत्व में देवीपुरा और बस अड्डा पर निरीक्षण अभियान चला। इस अभियान में 330 घरों की जांच की गई। कर्मचारियों ने बस अड्डा वर्कशॉप में पुराने टायर, पानी की टंकी और कूलर आदि की भी जांच की। उन्होंने गलियों में भरे पानी में दवाई डाली ताकि मच्छर न पनपें। कर्मचारी लोगों को डेंगू और मलेरिया से बचने के तरीके, लक्षण और उपचार की जानकारी दे रहे हैं।
ओपीडी में डेंगू-मलेरिया जांच अनिवार्य
मौसम में बदलाव से नागरिक अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ रही है। अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन करीब 500 से अधिक मरीज आते हैं। इनमें बड़ी संख्या बुखार से पीड़ित मरीजों की होती है। वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ संजय छिक्कारा ने डॉक्टरों को बुखार से पीड़ित मरीजों की डेंगू और मलेरिया की जांच अनिवार्य करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इससे डेंगू और मलेरिया की रोकथाम में मदद मिलेगी।
पुनर्लेखन
0 / 25,000