संवाद न्यूज एजेंसी
गोहाना। सोनीपत रोड स्थित उपमंडलीय परिसर में लंबित इंतकालों के समाधान के लिए विशेष शिविर लगाया गया। इसमें 118 इंतकाल दर्ज करने को मंजूरी दी गई। नायब तहसीलदार जतिंद्र गिल ने बताया कि कैंप का उद्देश्य लंबे समय से लंबित पड़े इंतकाल मामलों का जल्द निपटारा करना था।
उन्होंने कहा कि दर्ज किए गए सभी इंतकालों की संबंधित अधिकारियों ने पूरी जांच की। उसके बाद ही मंजूरी की अंतिम प्रक्रिया पूरी की गई। इंतकाल दर्ज करने की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन रखी गई है ताकि आवेदकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
डिजिटल क्रॉप सर्वे के लिए दिया प्रशिक्षण
नायब तहसीलदार ने बताया कि हरियाणा सरकार ने रबी और खरीफ फसलों का सही रिकॉर्ड रखने के लिए डिजिटल क्रॉप सर्वे (डीसीएस) शुरू किया है। इसके तहत पटवारी और अधिकारी टैबलेट एप के माध्यम से खेतों की जियो टैग फोटो लेकर फसल का पूरा विवरण ऑनलाइन अपलोड करते हैं। इसमें गेहूं, सरसों, धान सहित फसल और सिंचाई से जुड़ी जानकारी दर्ज की जाती है।
उन्होंने बताया कि यह व्यवस्था गिरदावरी में गड़बड़ी रोकने, फसल बीमा के दावों के निपटान और किसानों को एमएसपी दिलाने में मददगार होगी। यह योजना एग्रीस्टैक पहल का हिस्सा है। इसके तहत किसानों को डिजिटल पहचान यानी फार्मर आईडी भी दी जा रही है। इस संबंध में अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी दिया गया।
जनगणना के लिए छह अप्रैल से प्रशिक्षण
नायब तहसीलदार ने बताया कि जनगणना की तैयारी शुरू हो गई है। एक मई से शुरू होने वाली गणना के लिए मास्टर ट्रेनर छह अप्रैल से पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस और नगर परिषद कार्यालय में प्रशिक्षण देंगे। इसमें प्रगणक और प्रवेक्षकों को फील्ड में काम करने से पहले डिजिटल उपकरणों के इस्तेमाल की ट्रेनिंग दी जाएगी। इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल तरीके से की जाएगी और इसका काम दो चरणों में पूरा होगा। इस मौके पर नायब तहसीलदार खानपुर अंजू, कानूनगो रणबीर मलिक, अजय कुमार, ऑपरेटर शमशेर, गौरव सहित गिरदावर और पटवारी मौजूद रहे।