फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बूस्टिंग स्टेशन से पेयजल में डाला जा रहा खराब ब्लीचिंग पाऊडर, कट्टे फाडकर बैठते है कुत्ते

विज्ञापन
बूस्टिंग स्टेशन पर ब्लीचिंग पाउडर के कट्टों पर पड़ी गंदगी - फोटो : Sonipat
विज्ञापन
सोनीपत। शहर के ओल्ड हाउसिंग बोर्ड कालोनी स्थित बूस्टिंग स्टेशन से सप्लाई होने वाले पानी में खराब ब्लीचिंग पाउडर डाला जाता है। वहीं ब्लीचिंग पाउडर के कट्टे गंदगी के बीच खुले पड़े हैं और वहां से ब्लीचिंग पाउडर पानी में डाला जा रहा है। इसका खुलासा उस समय हुआ, जब निगम पार्षद हरिप्रकाश सैनी शनिवार को लोगों के साथ बूस्टिंग स्टेशन पर पहुंचे। वहां खराब पड़े ब्लीचिंग पाउडर व उस पर गंदगी को देखकर नगर निगम के खिलाफ लोग भड़क गए। लोगों का आरोप है कि नगर निगम की ओर से शहर के लोगों की स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
विज्ञापन

शहर के वार्ड नंबर एक व दो में पिछले काफी समय से कुछ हिस्सों में पानी की सप्लाई नहीं हो रही है। ऐसे में वहां के लोग पानी के लिए तरस रहे हैं। इसके अलावा कई जगहों पर दूषित पानी की सप्लाई हो रही है। इस समस्या से परेशान लोग शनिवार सुबह वार्ड पार्षद हरिप्रकाश सैनी व पूर्व पार्षद जवाहर बत्रा के साथ बूस्टिंग स्टेशन पर पहुंचे। वहां सफाई नहीं किए जाने से गंदगी का अंबार लगा था। पानी में डाले जाने वाले ब्लीचिंग पाउडर के कट्टों को फाड़कर कुत्तों ने अपने आशियाने बना रखे थे। ब्लीचिंग पाउडर भी गंदगी के बीच पड़ा हुआ था और उसको ही पानी में डाला जा रहा था। जबकि उस ब्लीचिंग पाउडर को पानी में कीड़े, मच्छर व संक्रामक बीमारियों को फैलने से रोकने के लिए डाला जाता है। लेकिन जिस तरह से ब्लीचिंग पाउडर खराब हो चुका है तो वह उल्टा बीमारियां बढ़ा सकता है। ब्लीचिंग पाउडर के पास गंदगी को देखकर लोग भड़क गए और नगर निगम के अफसरों व कर्मचारियों के खिलाफ रोष जताया।
सरकार तक भेजी जाएगी शिकायत : पार्षद
पार्षद हरिप्रकाश सैनी ने कहा कि ओल्ड हाउसिंग बोर्ड कालोनी के बूस्टिंग स्टेशन का पानी वार्ड एक, दो, पांच की 10 से ज्यादा कालोनियों में पानी सप्लाई होता है। खराब पेयजल सप्लाई होने से लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ नहीं होने दिया जाएगा। इसको लेकर वह निगम अधिकारियों के खिलाफ सरकार तक शिकायत करेंगे।
विज्ञापन

वर्जन
बूस्टिंग स्टेशन पर कुत्तों ने जाली तोड़कर रास्ता बना रखा है, जिसके कारण कुत्ते अंदर चले जाते हैं। लेकिन वहां पर रखा ब्लीचिंग पाउडर पानी में नहीं डाला जाता। पानी में डालने के लिए नया पाउडर लेकर आते है। बूस्टिंग स्टेशन पर टूटी हुई जालियां ठीक कराने के निर्देश पहले दे रखे हैं।
विज्ञापन

- अशोक रावत, एसई नगर निगम
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें