सोनीपत बस अड्डे पर खाली पड़े काउंटर। संवाद
सोनीपत। लोकसभा मतदान के दिन शनिवार को बस अड्डे पहुंचे यात्रियों को बसों के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। विभिन्न रूटों पर जाने वाले यात्रियों को बसें नहीं मिलने के कारण निराश लौटना पड़ा। गंतव्य तक पहुंचने के लिए यात्रियों को निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ा। सोनीपत से कटरा, दिल्ली, चंडीगढ़ सहित कई अन्य लंबे रूटों पर सुबह ही बसों का रवाना कर दिया था, जबकि अधिकतर ग्रामीण रूटों पर बसों की कमी खली। दोपहर के समय बस अड्डे पर अधिकतर बूथों पर काउंटर खाली नजर आए।
सोनीपत बस डिपो में करीब 140 बसें हैं। इनमें से 32 बसें किलोमीटर स्कीम के तहत शामिल की गई है। लोकसभा चुनाव के चलते जिला प्रशासन ने सोनीपत रोडवेज डिपो से 40 बसें की मांग की थी। इन बसों को वीरवार को भी प्रशासनिक ड्यूटी पर भेज दिया था। वहीं शनिवार को 10 और बसों को प्रशासनिक ड्यूटी पर रवाना कर दिया गया। इससे अधिकतर लोकल रूटों पर बसें लगभग बंद ही रही। लंबे रूटों पर जाने वाली बसों को सुबह ही रवाना कर दिया था। ग्रामीण रूटों जाने वाली बसों के फेरे कम कर दिए गए। ग्रामीण रूटों पर बसें नहीं मिलने से ज्यादा परेशानी उन यात्रियों को उठानी पड़ी जो शहर में रहते हैं और मतदान के लिए गांव में जाना चाहते थे। बसें नहीं मिलने से लोगों को निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ा।
मतदान के चलते यात्री संख्या रही कम
लोकसभा चुनाव के चलते शनिवार को व्यावसायिक इकाइयों के साथ सभी संस्थाओं के लिए अवकाश घोषित किया था। इसके बावजूद काफी संख्या में लोग गंतव्य जाने के लिए बस अड्डा पहुंचे। हालांकि सामान्य दिनों की अपेक्षा बस अड्डे में यात्रियों की संख्या कम रही। उसके बावजूद भी यात्रियों को बसों के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा। काफी यात्री बस अड्डे के खाली पड़े बूथों को देखते हुए वापस ही लौट गए और गंतव्य तक पहुंचने के लिए निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ा।
वर्जन
लोकसभा चुनाव के चलते सोनीपत बस अड्डे से 50 बसें प्रशासनिक ड्यूटी पर भेजी गई हैं। इससे कई रूटों पर बसों की कमी बनी रही। हालांकि लंबे रूटों पर बसें सुबह ही रवाना कर दी थीं। चुनाव के चलते यात्रियों की संख्या भी बेहद कम रही। बस अड्डे पर पहुंचने वाले यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधा देने का प्रयास किया गया है।
विरेंद्र सिंह, डीआई, रोडवेज डिपो, सोनीपत