सोनीपत। खरखौदा ब्लॉक डेवलपमेंट एंड पंचायत कार्यालय के रिश्वत कांड में बड़ा खुलासा हुआ है। पटवारी सुदेश को घूस और चाय वाले कृष्ण चंद को कमीशन भारी पड़ गया। एंटी करप्शन ब्यूरो के मुताबिक इन दोनों के बीच 10 प्रतिशत कमिशन तय हुआ था।
पटवारी ने उम्र का लिहाज करते हुए कृष्ण चंद पर किसी को शक नहीं होने की बात कही थी लेकिन पहले ही झटके में शक के बजाय कार्रवाई यकीनी हो गई। सोनीपत के एंटी करप्शन ब्यूरो के इंस्पेक्टर जगजीत सिंह ने बताया कि गिरफ्तार महिला पटवारी सुदेश झज्जर जिले के सासरौली गांव की हैं।
एमकॉम और बीएड करने के बाद 2017 में वह पटवारी लगी थी। जिले के ही सुरहेती गांव में ब्याही गई सुदेश तीन साल से खरखौदा बीडीपीओ कार्यालय में तैनात थी। सिसाना गांव के रहने वाले कृष्ण चंद ने चार महीने पहले यहां कैंटीन शुरू की थी। दफ्तर के भीतर आने-जाने की वजह से कर्मचारियों के साथ वह काफी घुल-मिल गया था।
सरकारी काम न होने से परेशान लोग जब चाय पीने बैठते तो वह अक्सर कह देता था कि बिना पैसे के कहीं काम नहीं होता। इन्हीं में से एक उसके गांव के रहने वाले अनिल भी हैं। 25 साल से 450 वर्ग गज के पंचायती प्लॉट पर काबिज अनिल का परिवार सरकार की कब्जे वाली जमीन पर मालिकाना हक पाना चाहता था।
कृष्ण चंद ने अनिल को महिला पटवारी सुदेश से यह काम करवा देने की बात कही। अनिल का कहना है कि पटवारी सुदेश ने फाइल पास करने के बदले 25 हजार रुपये की मांग की थी। बाद में 20 हजार में सौदा तय हो गया।
आरोप है कि घूस नहीं मिलने के कारण पटवारी ने कई महीने से फाइल को जान-बूझकर रोक रखा था। पटवारी ने कहा था कि जैसे ही पैसा मिलेगा, फाइल तुरंत निकालकर आगे की कार्रवाई पूरी कर दी जाएगी।
इंस्पेक्टर जगजीत सिंह के मुताबिक इस लेन-देन में पटवारी सुदेश ने कैंटीन संचालक कृष्ण चंद को भी शामिल किया था। कृष्ण चंद से पटवारी की डील बुजुर्ग होने के चलते इसलिए हुई थी, क्योंकि बुजुर्ग और ऑफिस से बाहर है। ऐसे में कोई शक नहीं करेगा। सुदेश ने कहा था कि जितना पैसा मेरे कहने पर आए, उसका 10 प्रतिशत रख लेना और बाकी मुझे पहुंचा देना।
हाथ में 20 हजार देख कृष्ण चंद खुश हो गया कि उसके बिना किसी नुकसान के 2000 रुपये सीधे मिल जाएंगे। वह जल्दी से अनिल को लेकर पटवारी तक पहुंच गया। वहां जैसे ही पटवारी ने रुपये पकड़े, दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। मंगलवार को दोनों को कोर्ट में पेश करके रिमांड पर लिया गया है।