फोटो :33: सोनीपत में रिश्वत मामले में गिरफ्तार सेवादार एसीबी की टीम की साथ। संवाद
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गोहाना । एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने गोहाना तहसील में रजिस्ट्री कराने की एवज में एक लाख रुपये की रिश्वत मांगने के मामले में अब नायब तहसीलदार के सेवादार को भी गिरफ्तार कर लिया है। मामले में एसीबी करनाल की टीम ने अर्जीनवीस राजीव कुमार उर्फ यश मल्होत्रा को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया था। अर्जीनवीस नायब तहसीलदार व सेवादार से सेटिंग कर रिश्वत लेता था।
गांव गंगाना निवासी सतीश कुमार ने एसीबी करनाल को शिकायत दी थी कि उन्होंने गोहाना के पास गांव खंदराई में 667 वर्ग गज का प्लॉट खरीदा है। वह रजिस्ट्री के लिए नायब तहसीलदार अभिमन्यु से मिले थे। उसने अर्जीनवीस राजीव उर्फ यशपाल उर्फ यश मल्होत्रा से मिलने के लिए कहा था। यश मल्होत्रा ने नायब तहसीलदार के नाम पर 150 रुपये प्रति वर्ग के हिसाब से रिश्वत मांगी थी। वह नायब तहसीलदार से मिले तो उसने कहा था कि रजिस्ट्री में दिक्कत है। रजिस्ट्री करवाने के लिए अर्जीनवीस राजीव कुमार उर्फ यश मल्होत्रा से मिल लेना। यश मल्होत्रा से मिलने पर उसने कहा था कि रिश्वत की राशि नहीं देने तक रजिस्ट्री नहीं होगी। बाद में अर्जीनवीस को एसीबी करनाल ने गिरफ्तार कर लिया था। अर्जीनवीस की गिरफ्तारी के बाद नायब तहसीलदार भूमिगत है। एसीबी की टीम ने उसकी गाड़ी, दो मोबाइल व उसके घर से लगभग 2.80 लाख रुपये बरामद किए हैं। पूछताछ में यश मल्होत्रा ने बताया कि नायब तहसीलदार अभिमन्यु व तहसील कार्यालय में कार्यरत सेवादार आशीष के साथ सांठगांठ कर रजिस्ट्री कराने की एवज में रिश्वत ली जाती थी। रिश्वत 150 से 250 रुपये प्रति वर्ग गज के हिसाब से ली जाती थी।
आरोपी ने बताया था कि वह और सेवादार आशीष 20 रुपये प्रति वर्ग गज के हिसाब से राशि अपने पास रखते थे। उसके बाद बाकी की रकम को सेवादार की तरफ से नायब तहसीलदार तक पहुंचाई जाती थी। इसी के आधार पर सेवादार आशीष को गिरफ्तार किया गया है। उससे मोबाइल बरामद किया गया। न्यायालय के आदेश पर उसे एक दिन के रिमांड पर लिया गया है। अर्जीनवीस को रिमांड पूरा होने पर जेल भेज दिया गया।
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