सिविल अस्पताल में लड़की के पैर के ऑपरेशन के नाम पर रिश्वत मांगने के मामले में शिकायतकर्ता और डॉक्टर आमने-सामने होंगे। स्वास्थ्य विभाग के जांच अधिकारी ने पूछताछ के लिए दोनों को 9 दिसंबर को सिविल अस्पताल में बुलाया है। फिलहाल डॉक्टर को डेपुटेशन पर खानपुर स्थित महिला मेडिकल कॉलेज में भेजा गया है।
26 नवंबर को एक डॉक्टर द्वारा ऑपरेशन के नाम पर दंपति से रिश्वत मांगने की शिकायत सीएमओ को दी गई थी। जिसमें एक दंपति ने बताया था कि अंजलि छत से गिर गई थी, जिससे उसके पैर की हड्डी टूट गई। उन्होंने उसे सोनीपत के सामान्य अस्पताल में भर्ती करवाया।
यहां डॉक्टर एसपी शर्मा ने उसका ऑपरेशन कराने की सलाह दी और 12 हजार रुपये का खर्चा बताया। आरोप था कि डॉक्टर एसपी शर्मा ने 10 हजार रुपये ले लिए। जब इसकी रसीद मांगी गई तो जवाब मिला कि रसीद के 12 हजार देने होंगे। मजबूरी में उन्होंने पैसे दे दिए।
इतना ही नहीं, पैसे लेने के बाद डॉक्टरों ने ऑपरेशन के समय दवाई भी बाहर की लिख दी। लेकिन बाहर दवाई नहीं मिलने पर डाक्टरों ने उनकी बेटी के ऑपरेशन के लिए मना कर दिया। शिकायत पर विचार-विमर्श के बाद सिविल सर्जन डॉ. जेएस पूनिया ने जांच के लिए जांच अधिकारी नियुक्त कर दिया और डॉक्टर को खानुपर में डेपुटेशन कर भेज दिया गया।
जांच अधिकारी उप सिविल सर्जन डॉ. आदर्श शर्मा ने कहा कि गत 26 नवंबर को एक डॉक्टर द्वारा रिश्वत मांगे जाने की शिकायत के आधार पर 9 दिसंबर को शिकायतकर्ता व डॉक्टर को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। दोनों से रिश्वत से संबंधित पूछताछ की जाएगी। इसके बाद कार्रवाई की जाएगी।