अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक ने कहा कि जितनी भी बड़ी खापें है वे आज भी उनके साथ हैं। लेकिन जो दो-चार गांव के प्रधान बनकर अपने आप को खाप का प्रधान बताते हैं वे सरकार के साथ मिलकर जाट आरक्षण के आंदोलन को कमजोर करते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे खाप प्रधानों को अपने घर बैठ जाना चाहिए या फिर वे भी सड़कों पर आकर आंदोलन करें वे उनके साथ हैं। यशपाल मलिक आज गन्नौर क्षेत्र के विभिन्न गांवों का दौरा करने के बाद पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान मलिक ने जाट समुदाय के लोगों को 20 दिसंबर को गोहाना में होने वाली जाट आरक्षण संकल्प रैली में भी पहुंचने का न्यौता भी दिया।
यशपाल मलिक ने कहा कि देश की केंद्र सरकार जाटों को आरक्षण देना चाहती है, लेकिन प्रदेश की सरकार का दोहरा चरित्र सामने आ रहा है। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री अपनी पार्टी के सांसद राजकुमार सैनी को गलत बयानबाजी देने से रोकने में कामयाब नहीं हो रहे हैं। सैनी गलत बयान देकर जाट और दूसरी जातियों के बीच जहर घोलने का काम कर रहे हैं। सांसद सैनी को जवाब देने के लिए जाट समाज को एकजुट होना होगा। मलिक ने कहा कि पहले आरक्षण के लिए बड़े आंदोलन के लिए हिसार केंद्र रहा था लेकिन अब हम पांच-पांच जिलों का एक केंद्र बनाएंगे। यशपाल मलिक ने कुराड़, पिपलीखेड़ा, सनपेड़ा, लड़सौली, लल्हेड़ी, राजपूर, राजलूगढ़ी, उदेशीपुर, पुरखास, पांची जाटान गांव में बैठकों को संबोधित किया। इस मौके पर अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के ब्लॉक प्रभारी ओमसिंह आंतिल, रोहतास बैनीवाल सहित काफी संख्या में जाट नेता मौजूद थे।