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Sonipat News: सांसों पर संकट... एक्यूआई<bha>@</bha>274, सांस रोगियों संग बुजुर्गों की परेशानी बढ़ी

Thu, 23 Oct 2025 01:47 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
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फोटो :29: सोनीपत में राजीव गांधी एजुकेशन सिटी, राई में सुबह वातावरण में छाई धूल कण की परत। संवा - फोटो : अमर उजाला
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सोनीपत। शहर की हवा जहरीली बनी हुई है। बुधवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक 274 दर्ज किया गया जो खराब श्रेणी में आता है। ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप)-2 की पाबंदियां लागू होने के बाद भी हवा की सेहत में सुधार नहीं हुआ है। सुबह से ही वातावरण में धूल कणों की मोटी परत छाई रही जिससे बच्चों, बुजुर्गों और सांस रोगियों को खांसी, आंखों में जलन और सांस लेने में परेशानी हुई।
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वायु प्रदूषण का स्तर दूसरे दिन भी खराब श्रेणी में बना रहा। वातावरण में इसका असर दिखने लगा है। वातावरण में सुबह धूलकणों की परत छाने से लोगों की परेशानी बढ़ने लगी है। लोगों को सांस लेने में दिक्कत के साथ आंखों में जलन की समस्या भी होने लगी है।
दोपहर के समय हल्की हवा चलने से थोड़ी राहत मिली, लेकिन हवा की गुणवत्ता अब भी स्वास्थ्य के लिए चिंताजनक बनी हुई है। ग्रैप-2 लागू किया जा चुका है। प्रदूषण से साथ ही गले में खराश के मरीज भी बढ़ने लगे हैं। इसके साथ ही जिन लोगों को पहले से सांस की बीमारी है, उनके लिए यह स्थिति खतरनाक है।
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प्रदूषण की वजह हवा की धीमी गति बताई जा रही है। बुधवार को 6 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से हवा चली। विशेषज्ञ के अनुसार जब तक हवा की गति तेज नहीं होगी तब तक परेशानी झेलनी पड़ेगी।

नागरिक अस्पताल के चिकित्सक डॉ. शैलेंद्र राणा ने हिदायत दी कि मौसम में ठंडा पानी नहीं पीना चाहिए। इससे शरीर के अंदर गए कण ठंडे पानी से जम जाते हैं। सुबह घर से बाहर बिना किसी कारण के नहीं निकलना चाहिए और निकलना है तो मुंह पर मास्क व आंखों पर चश्मा लगाकर निकलना चाहिए।





31 डिग्री अधिकतम व न्यूनतम तापमान 18 डिग्री दर्ज किया

प्रदूषण से अधिकतम तापमान 30 डिग्री से अधिक बना हुआ है। बुधवार को अधिकतम तापमान 31.0 डिग्री व न्यूनतम 18.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मंगलवार को अधिकतम तापमान 31.0 डिग्री व न्यूनतम तापमान 20 डिग्री रहा।



ग्रैप 2 की पाबंदियां हुईं लागू

-सड़कों पर वैक्यूम स्वीपिंग और पानी का छिड़काव हर रोज या कम से कम हर दूसरे दिन किया जाना चाहिए।

-निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण के उपायों को सख्ती से लागू किया जाना चाहिए।

-कूड़ा, लकड़ी या कोयला न जलाएं।

-सीएनजी-इलेक्ट्रिक बसों के फेरे बढ़ाए जाएं।



सोनीपत में एक्यूआई (शाम चार बजे जारी आंकड़े)


19 अक्तूबर 182

20 अक्तूबर 185

21 अक्तूबर 287

22 अक्तूबर 274



वर्जन
हवा की गति धीमी होने के कारण प्रदूषक तत्व जमीन के पास जमा हो जाते हैं। हवा की गति बढ़ने पर ही राहत मिल सकेगी। मंगलवार देर शाम आई बूंदाबांदी से न्यूनतम तापमान में कमी आई है। -डॉ. प्रेमदीप, मौसम विज्ञानी, केवीके सोनीपत।
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